मेरठ। थाना टीपी नगर के पूर्व एसओ प्रशांत कपिल समेत छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ न्यायालय सीजेएम ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इन पुलिसकर्मियों पर एक व्यक्ति को धोखाधड़ी और फर्जी तरीके से जेल भेजने का आरोप है।
यह है मामला
थाना भावनपुर के गांव रसूलपुर औरंगाबाद निवासी विकास पुत्र सुभाष ने सीजेएम कोर्ट में दिए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया था कि 23 फरवरी 2016 की रात वह मजदूरी कर घर लौट रहा था तो थाना टीपी नगर पुलिस ने उसके पकड़ लिया और पीटते हुए थाने ले गए। पिटाई से उसकी आंख पर गंभीर चोट पहुंची। आरोप है कि उससे अगले दिन टीपी नगर पुलिस ने धोखाधड़ी करते हुए विकास पुत्र अशोक को एक मामले में रुपये लेकर छोड़ दिया और उसे विकास पुत्र अशोक के स्थान पर न्यायालय में पेश कर जेल भिजवा दिया। साथ ही पुलिस वालों ने उसके पैसे, आईडी व मोबाइल फोन भी छीन लिया था। उक्त मुकदमे में उसे एक माह से ज्यादा समय जेल में रहना पड़ा।
हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
जेल से रिहा होने के बाद उसने पुलिस वालों के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था, जो खारिज कर दिया गया था। उस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट दायर की गई थी, जिसमें हाईकोर्ट ने सीजेएम के उस आदेश को गलत करार दिया, जिसमें पुलिस वालों के खिलाफ मामला दर्ज न करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद विकास पुत्र सुभाष ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया, जिसे न्यायालय सीजेएम तबरेज अहमद ने स्वीकार करते हुए तत्कालीन एसओ टीपी नगर प्रशांत कपिल, दरोगा संजय कुमार, सुशील, सर्वेश यादव, रजनेश, उपेंद्र सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। प्रशांत कपिल वर्तमान में थाना कंकरखेड़ा में इंस्पेक्टर पद पर तैनात हैं।
खास बात
पुलिसकर्मियों पर लगाया पीड़ित ने धोखाधड़ी से जेल भेजने का आरोप
सीजेएम ने याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए एफआईआर के आदेश