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बहुत गहरी दोस्ती थी, मर्डर से दुश्मनी में बदली

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मेरठ। दानिश के पिता मुनकाद और हत्यारोपी के पिता सादतउद्दीन में गहरी दोस्ती थी। दोनों एक साथ शास्त्रीनगर सेक्टर-11 में आकर बसे थे। दोनों के बच्चे एक साथ खेलते बड़े हुए। लेकिन वर्चस्व की लड़ाई ने दोनों परिवारों के बीच दुश्मनी की दीवार खड़ी कर दी। उसके चलते मुनकाद ने शास्त्रीनगर से मकान बेचकर बुद्धा गार्डन में परिवार शिफ्ट कर दिया था।
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पुलिस के अनुसार दोनों परिवारों के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं तो आपस में मिलना-जुलना भी उनका रहता था। दानिश मेरठ कॉलेज से एलएलबी कर रहा था। मुजीब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा था। मुजीब व दानिश के भाई शुएब ने यूनिवर्सिटी में क्रिकेट मैच रखा। गाली गलौज हुई तो दोनों एक-दूसरे को धमकी देने लगे थे।
खून से लथपथ तड़पते रहे दोनों भाई
पुलिस के अनुसार ताबड़तोड़ फायरिंग में दानिश को चार और शुएब को दो गोलियां लगीं। हमलावर घटना के बाद मौके से फरार हो गए। करीब 15 मिनट तक दोनों भाई शास्त्रीनगर में तड़पते रहे। उनको कोई बचाने तक नहीं आया। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। लेकिन पुलिस को भी घटनास्थल पर पहुंचने में 20 मिनट लग गए। तब तक लोगों ने घायलों को निजी अस्पताल पहुंचाया।
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मौत की खबर लगते हुआ हंगामा
दानिश की मौत और शुएब की हालत गंभीर होने का पता चलते ही परिवार का गुस्सा फूट गया। परिवार ने हंगामा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय के अनुसार इस मामले में क्राइम ब्रांच को लगाया गया है। देर रात आरोपियों के घर पर दबिश दी गई। लेकिन उनके घर पर ताले लगे मिले। आरोपी परिवार के साथ फरार हो गए हैं।
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खास बातें:
मुनकाद का परिवार भी पहले शास्त्रीनगर रहता था
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