मेरठ। मेहरचंद कसाना हत्याकांड की जांच में पुलिस ने हाथ खींच लिए हैं। पुलिस की जांच मुकदमे के विपरीत चल रही, जिसको लेकर पीड़ित परिवार में जबरदस्त आक्रोश है। पीड़ित परिवार ने चेतावनी दे दी कि अगर पुलिस ने नामजद आरोपियों को क्लीनचिट दी तो गुर्जर समाज महापंचायत कर सड़कों पर आंदोलन करेगा।
परतापुर थाने के पास गेस्ट हाउस मालिक मेहरचंद कसाना की हत्या के मामले में मेहरचंद के बेटे अजय गुर्जर ने मुकदमा नामजद कराया। जिसमें बदन सिंह बद्दो को मुख्य आरोपी बनाकर संजय गुर्जर हत्याकांड में गवाही में दबाव बनाने की बात कही। जबकि पुलिस की जांच में सामने आया कि गेस्ट हाउस में सेक्स रैकेट चलता था।
दो युवक एक लड़की को लेकर आए थे। कमरा बुक करने को लेकर युवकों का मेहरचंद से विवाद हो गया। इन्हीं दो युवकों ने चाकू मारकर मेहरचंद की हत्या कर दी। इसके चश्मदीद हर्ष और विकास बताए गए हैं। जबकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि बदनसिंह बद्दो के इशारे पर पुलिस इस हत्याकांड को दूसरा मोड़ देने की कोशिश कर रही है। पीड़ित परिवार मेें आक्रोश देखते हुए पुलिस ने अभी हाथ खींच लिए।
सुबूत होंगे, तब खुलेगा हत्याकांड
पीड़ित परिवार की तरफ से बुधवार को गुर्जर समाज का एक प्रतिनिधिमंडल एसएसपी से मिला। उन्होंने कहा कि 11 जून को मेहरचंद की तेरहवीं है। पुलिस ने नामजद आरोपियों को क्लीनचिट दी तो वह आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। जिस पर एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने आश्वासन दिया कि मुकदमे के आधार पर जांच कराई जा रही है। पुलिस सभी बिंदु देख रही है। सुबूत के साथ हत्यारोपी गिरफ्तार होंगे। उसके बाद ही खुलासा होगा।
खास बातें:
- पीड़ित परिवार में पुलिस की जांच को लेकर आक्रोश
- एसएसपी बोले, सुबूतों के आधार पर करेेंगे कार्रवाई