मेरठ। मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाश नरसी और धीरज कुख्यात योगेश भदौड़ा गैंग के शूटर बताए गए हैं। एसटीएफ का दावा कि योगेश भदौड़ा ने एक व्यापारी की हत्या की सुपारी ली थी। उसको अंजाम देने के लिए भदौड़ा के गुर्गों ने एनएच-58 से सटे जंगल में जाल बिछाया हुआ था।
नरसी और धीरज भदौड़ा गैंग के सक्रिय बदमाश थे। नरसी ने अपना अलग गैंग बना लिया था। लेकिन वह भदौड़ा गैंग से जुड़े थे। सुपारी लेकर हत्या करना और रंगदारी मांगने का धंधा भदौड़ा गैंग के इशारे पर मेरठ में करता था। लोगों में चर्चा है कि सुपारी भदौड़ा ने ली और मारे गए उसके दो गुर्गे। इसको लेकर पुलिस जेल में बंद योगेश भदौड़ा से भी पूछताछ कर सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक लिखापढ़ी में योगेश का नाम नहीं लिया है।
कहां से लूटी कारबाइन
आरोपियों से बरामद कारबाइन कहां से आई, यह बड़ा सवाल है। पुलिस का दावा कि यह कारबाइन सरकारी है। लेकिन वह कहां से लूटी गई और नरसी के पास कैसे पहुंची, इसकी जांच करने में पुलिस जुटी है। पुलिस ने बताया कि दोनों बदमाशों के साथ उनका तीसरा साथी सूरज था। जो मुठभेड़ के दौरान फायरिंग करते हुए फरार हो गया। पुलिस का मानना कि सूरज ही बताएगा कि कारबाइन कहां से आई। हालांकि पुलिस कारबाइन पर पड़े नंबर से जांच करने में लगी हुई है।
खास बातें:
- एक व्यापारी की हत्या के लिए बन रही थी प्लानिंग
- एसटीएफ ने किया खुलासा, जांच में जुटी है पुलिस