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टीपी नगर में बड़ा बवाल ना करा दे शराब

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मेरठ। टीपी नगर थानाक्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री किसी दिन बड़ा बवाल करा सकती है। आए दिन बखेड़ा हो रहा है। इसे लेकर लोगों में गुस्सा है।
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टीपी नगर क्षेत्र अवैध शराब की बिक्री के लिए पहले से ही बदनाम है। यहां की नई बस्ती, चंद्रलोक कॉलोनी, मलियाना और टीपी नगर में तो घरों से शराब बेची जाती है। आए दिन लोग हंगामे कर रहे हैं। क्षेत्र का एक माफिया शराब की अवैध बिक्री के लिए खूब चर्चित है। जिसमें उसका पूरा परिवार लगा हुआ है। सूत्रों के अनुसार पुलिस के दावों के विपरीत माफिया का काम धड़ल्ले से चल रहा है। वहीं, इंस्पेक्टर टीपी नगर ब्रजेश शर्मा का कहना है कि पुलिस कार्रवाई कर रही है। लेकिन कुछ लोग इनकी पैरवी करते हैं। बात न मानने पर हंगामे करा रहे हैं।
सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए
एक कालोनी के लोगों ने बताया कि शराब की बिक्री से परेशान होकर उन्होंने कुछ समय पूर्व चंदा कर गली में सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। लेकिन ये कैमरे भी तुड़वा दिए गए। यही नहीं उन पर ही गलत आरोप लगाकर शिकायत कर दी गई। आखिर कालोनी वासियों ने चुप बैठना ही बेहतर समझा।
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सिफारिशें नहीं मानी तो हंगामे पर उतरे
सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में अवैध शराब के इस धंधे में गुटबाजी भी हावी हो गई है। पुलिस द्वारा धरपकड़ के बाद पकडे़ जा रहे लोगों की पैरवी में ही लोग आ रहे हैं। बकौल पुलिस तीन दिन पूर्व दबिश देकर पकड़े गए एक व्यक्ति को छुड़वाने के लिए सिफारिशें आई। लेकिन सुनवाई नही की तो पैरवी कर रहे पक्ष ने लोगों से हंगामा करा दिया। इस वजह से भी शराब बेचने वालों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पा रही है। हालांकि पुलिस की यह दलील गले नहीं उतर रही है। सवाल है कि जब पुलिस के पास ठोस सुबूत हैं तो वह कार्रवाई से पीछे क्यों हट रही है।
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फरार माफिया पकड़ने में फेल पुलिस
दो सप्ताह पूर्व टीपी नगर थाने के सिपाही पर हमले के मुख्य आरोपी रमेश प्रधान को अब तक पुलिस नहीं पकड़ सकी। पुलिस केवल दबिश तक ही सिमटी रही और आरोपी दूर निकल गया। हालांकि पुलिस का दावा है कि वो पकड़ने का पूरा प्रयास कर रही है।
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