दरोगा ने दी गाली तो छात्रों का थाने पर धावा
मेरठ। छात्रों को गाली देना एक दरोगा को महंगा पड़ गया। छात्रों ने थाने पर हंगामा कर एक विधायक की दरोगा से फोन पर बात करा दी। जिसके बाद दरोगा को बैकफुट पर आना पड़ा। छात्रों ने चेतावनी दे दी कि इसकी एसएसपी से शिकायत करेंगे। करीब एक घंटे तक थाने में हंगामा रहा।
मेरठ कॉलेज के छात्र लवी और विशाल निवासी निलोहा मवाना सिविल लाइन थाने के पास बस के इंतजार में मवाना बस अड्डे पर खडे़ थे। बस अड्डे के पास ही बेर का पेड़ है। दोनों छात्र वहां से बेर तोड़ने लग गए। तभी एक सिपाही समेत दो लोगों ने छात्रों को रोका। सिपाही की छात्रों से कहासुनी और मारपीट हो गई। छात्रों ने इसकी जानकारी सिविल लाइन थाने में दी।
थाने से दरोगा रामचंद्र मौके पर पहुंचे। मामला सिपाही से जुड़ा था, इसका पता लगते ही दरोगा छात्रों को धमकाने लगे। दोनों छात्रों और सिपाही को दरोगा थाने ले आए। आरोप है कि दरोगा रामचंद्र ने छात्रों से गाली गलौज कर दी। जिस पर छात्रों ने अपने साथी छात्रों को बुला लिया।। छात्रनेता हिमांशु रस्तौगी व उसके साथी छात्रों ने थाने में जमकर हंगामा किया।
लो विधायक से बात कर लो
एक छात्र प्रशांत फलावदा ने भाजपा के एक विधायक को फोन मिला दिया। फोन दरोगा के हाथ में थमा दिया। भाजपा विधायक का नाम लेते ही दरोगा और थाना पुलिस बैकफुट पर आ गई। थाने में पुलिस वालों ने छात्रों से माफी मांगी। छात्रों ने दरोगा की शिकायत एसएसपी से करने की बात कही है।
कार्रवाई करेंगे
सीओ सिविल लाइन चक्रपाणि त्रिपाठी के अनुसार इस मामले की शिकायत छात्रों ने मुझसे की थी। एसओ सिविल लाइन से जांच कराने को कहा है। दरोगा ने छात्रों से अभद्रता या गाली गलौज की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
खास बातें
- पेड़ से बेर तोड़ने पर हुआ था सिपाही से विवाद
- विधायक के फोन पर बात कराते ही बैकफुट पर आया दरोगा