मेरठ/सरधना। बेटे चेतन की हत्या में चश्मदीद गवाह सावित्री की सरूरपुर के हसनपुर रजापुर में हुई हत्या का मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि सोमवार सुबह सावित्री के दामाद बबलू की सरधना के झिटकरी गांव में सरेआम गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। बबलू सावित्री हत्याकांड की पैरवी कर रहा था। जिस पर हत्यारोपी पक्ष समझौते का दबाव डाल रहा था। पुलिस ने नामजद ग्राम प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है। तीन आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं, एसएसपी ने लापरवाही बरतने पर एसओ सरूरपुर ऋषिपाल सिंह को सस्पेंड कर दिया है।
पुलिस के अनुसार झिटकरी गांव निवासी बबलू (45) सोमवार सुबह करीब 6:50 बजे घर में नहा रहा था। तभी बाइक सवार तीन बदमाश वहां पहुंचे। एक बदमाश बाइक स्टार्ट करके खड़ा रहा। दो बदमाशों ने दरवाजा खटखटाया। बबलू के दरवाजा खोलते ही दोनों बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोलियां की आवाज सुनकर बबलू की पत्नी सुमन और भाई महेंद्र वहां पहुंचे। बबलू को खून से लथपथ पड़ा देख महेंद्र बदमाशों से भिड़ गया। महेंद्र ने बाइक पर पीछे बैठे एक बदमाश को खींचने का प्रयास किया। लेकिन वह बदमाश कमर पर लदा बैग छोड़कर साथियों के साथ फरार हो गया। सुमन और महेंद्र ने काफी शोर मचाया। लेकिन किसी ने भी मदद करने का साहस नहीं जुटाया।
कातिल भाग गए, अब तो बचाओ
बदमाशों के भागने के बाद सुमन चिल्लाई कि उसकी मां सावित्री के कातिल भाग गए है, अब तो गांव वालों बाहर निकलो। उसके पति को बचा लो। मोहल्ले के लोग बाहर आए और तुरंत गाड़ी में बबलू को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। बबलू दम तोड़ चुका था, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजनों में चीख पुकार मची गई।
पुलिस अफसरों में मचा हड़कंप
हसनपुर रजापुर की सावित्री के दामाद की हत्या कर दी गई, यह सूचना मिलते ही पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। जिस पर एसएसपी, एसपी देहात और सीओ सरधना झिटकरी गांव पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने बबलू की पत्नी और परिजनों से बात की तो उन्होंने बताया कि सावित्री के कातिलों ने यह वारदात की है।
प्रधान को पकड़ो, वो भाग जाएगा
बबलू के परिजनों ने आरोप लगाया कि झिटकरी ग्राम प्रधान संत सिंह हत्या का असली मुल्जिम है। सावित्री की हत्या का आरोपी सुमित जाट का प्रधान रिश्तेदार है। प्रधान के घर पर सावित्री के हत्यारोपी रुके थे। हत्या में समझौते का दबाव बबलू पर बनाया जा रहा था। रविवार को प्रधान के घर बबलू व उसकी पत्नी सुमन को हत्यारोपियों के सामने बुलाया गया था। एसएसपी ने एसओ सरधना से कहा कि प्रधान को पकड़ो, नहीं तो वो भाग जाएगा।
प्रधान चलो, गांव में हत्या हो गई
सरधना थाने में तैनात दरोगा राजकुमार दो सिपाही लेकर प्रधान संत सिंह के घर पहुंचे। पुलिस देखकर प्रधान बोला कि सुबह-सुबह क्या मामला हो गया। दरोगा ने कहा कि प्रधान जी गांव में हत्या हो गई। मौके पर जाना भी उचित नहीं समझा। पुलिस अधिकारी आपको बुला रहे है। दरोगा ने प्रधान को जीप में बैठाया और सरूरपुर थाने भिजवा दिया। जहां अधिकारियों ने प्रधान से पूछताछ की।
परिजनों का रो रोकर बुरा हाल
बबलू की मौत का पता लगते उसकी मां संजो, पिता रामबल, भाई महेंद्र, बहादुर, विनय, पत्नी सुमन, बेटी सोनम, नीलम, आरती, बेटे शिवम बिलख पड़े। पुलिस उन्हें ढांढस बांधने में लगी रही। पुलिस ने बबलू के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शाम को फोर्स की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कराया। इस मामले में पुलिस ने प्रधान को गिरफ्तार करना बताया है।
खास बातें:
- बेटे चेतन की हत्या में चश्मदीद गवाह थी मां सावित्री
- गवाही से पहले ही सावित्री की कर दी गई थी सरूरपुर में हत्या
- सावित्री हत्याकांड की दामाद बबलू कर रहा था पैरवी, समझौते का था दबाव
- सरधना के झिटकरी गांव में दिनदहाड़े वारदात, 4 नामजद, ग्राम प्रधान गिरफ्तार
- एसएसपी ने लापरवाही बरतने पर एसओ सरूरपुर को सस्पेंड किया