मेरठ। आभास की हत्या के पीछे तांत्रिक क्रिया या कोई दूसरी बड़ी वजह हो सकती है। गांव के ही तालाब में बच्चे का शव मिलने के बाद मामला और गहरा गया है। पुलिस का दावा है कि हत्या करने वाला कोई पेशेवर अपराधी नहीं है, पीड़ित परिवार का बेहद करीबी है।
बच्चे के शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजने के बाद एसएसपी मंजिल सैनी, भाजपा सांसद संजीव बालियान, विधायक संगीत सोम और जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा की फौजी के घर पर बैठकर बातचीत हुई। हत्यारे कौन हो सकते है, इसको लेकर काफी मंथन किया गया। एसएसपी का कहना है कि तमाम बिंदुओं पर जांच कर ली गई है। जिसमें किसी रंजिश या पेशेवर अपराधी का नाम नहीं आया। पीड़ित परिवार ने जिन लोगों पर अंदेशा जताया था, उनको हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस की जांच किसी करीबी पर आकर टिक जाती है। देर रात तक एसएसपी गांव में ही थीं।
दो दिन पहले खंगाला था तालाब
जिस तालाब में आभास का शव मिला है, उसको दो दिन पहले ही बारीकी से खंगाला गया था। गोताखोरों ने जाल लगाकर बच्चे की तलाश की थी। लेकिन कुछ नहीं मिला था। बृहस्पतिवार को अचानक से उसी तालाब से शव मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस को शक है कि बच्चे का शव एक दिन पहले ही तालाब में फेंका गया है। माना जा रहा है कि हत्या करने के बाद शव किसी घर में छुपाकर रखा गया था।
झुलसा हुआ था मासूम का चेहरा
पुलिस ने बताया कि आभास का चेहरा झुलसा हुआ था। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उसके चेहरे पर कोई जलता पदार्थ डाला गया हो। जिसमें तंत्र मंत्र की बात सामने आ रही है। एक करीबी व्यक्ति के तंत्र-मंत्र करने की बात भी ग्रामीणों ने पुलिस को बताई है। पुलिस ने उक्त व्यक्ति से पूछताछ की थी। जिसके बयानों में विरोधाभास है। अब पुलिस फिर से उससे पूछताछ करने की बात कह रही है।
खास बात
- कई बिंदुओं पर पुलिस कर रही जांच
- एक करीबी पर आकर टिक रही पड़ताल