फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर में

विज्ञापन
विज्ञापन
घर में हथियारों से खेलकर बदमाश बने दोनों भाई
विज्ञापन

मेरठ। कुख्यात मुकीम व उसके भाई वसीम को अपराधी बनाने वाला कोई ओर नहीं, बल्कि उसका पिता मुस्तकीम है। मुस्तकीम अपने घर में ही अवैध हथियार बनाता था। दोनों भाई खिलौने से नहीं हथियारों से खेलते थे। 16 साल की उम्र में मुकीम काला ने एक बाइक लूटी, तो पिता ने डांटने की बजाय उसे शाबासी दी। तभी से उसने जरायम की दुनिया में कदम रखा और फिर वसीम भी अपने भाई के साथ ही इस दलदल में उतर गया।
तमंचे बनाने में मुस्तकीम का कैराना में नाम था। कई बार पुलिस ने तमंचे की फैक्ट्री उसके ही घर में चलती पकड़ी। उसके दोनों बेटे मुकीम काला और वसीम किशोर अवस्था में पिता को हथियार बनाते देखते थे। मोहल्ले में झगड़ा होता तो दोनों भाई तमंचे लेकर फायरिंग कर देते थे। धीरे-धीरे कैराना इलाके में लोग मुकीम को जानने लगे। मुस्तकीम ने कभी भी दोनों बेटों को अपराध करने से नहीं रोका। किसी घटना में दोनों भाई घर में बने तमंचे को इस्तेमाल करते थे।
विज्ञापन

सहारनपुर में कुख्यात मुस्तफा उर्फ कग्गा से लोग कांपते थे। इलाके में उसका खौफ था। 2011 में पुलिस ने कग्गा को मुठभेड़ में मार गिराया था। जिसके बाद कग्गा गैंग की कमान मुकीम ने संभाल ली थी। मुकीम ने पुलिस पर हमले कर एके-47 समेत कई हथियार लूटे। मुकीम के साथ उसका भाई वसीम भी शामिल रहता था। दोनों भाई अपराध करने लगे और पिता मुस्तकीम उन्हें बढ़ावा देता रहा। वह अपने बेटों की मदद करता था। कैराना में मुस्तकीम के परिवार का बोलबाला था। कई नेता भी उनके संपर्क में थे।
विज्ञापन

मुस्तकीम और मुकीम जेल में बंद
मुस्तकीम हत्या के मामले में जेल में बंद है। मुकीम काला भी महाराजगंज की जेल में बंद है। पिता और भाई की पैरवी वसीम ही कर रहा था। मुकीम का गैंग चलाकर वसीम अपने शौक और पिता व भाई को जेल से छुड़ाने में लगा हुआ था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें