फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शराब के ठेके ने कराया बवाल, पुलिस से हाथापाई, पथराव

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। ब्रह्मपुरी थाने के सामने शराब का ठेका खोलने को लेकर बृहस्पतिवार रात बवाल हो गया। नाराज महिलाओं ने थाने के सामने रोड जाम कर दी। पुलिस से हाथापाई और छतों से पथराव हुआ। सिटी मजिस्ट्रेट समेत कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और भीड़ को लाठीचार्ज कर दौड़ाया। महिला पुलिस ने तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर महिला थाना भेज दिया।
विज्ञापन

ब्रह्मपुरी थाने के सामने शराब का ठेका खुलने के खिलाफ स्थानीय निवासी 15 जुलाई से धरना दे रहे हैं। बृहस्पतिवार शाम महिलाओं ने इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी की गाड़ी घेरकर हंगामा किया था। आरोप लगाया था कि बुधवार रात कार सवार युवकों ने धरना खत्म कराने की नीयत से मोहल्ले के युवक को बुरी तरह पीटा था। पुलिस के अनुसार रात करीब 10:30 बजे धरनारत महिलाओं ने रोड जाम कर दी। पुलिस जाम खुलवाने पहुंची तो आरोप है कि महिलाओं ने उनसे गालीगलौज और अभद्रता की। हाथापाई का प्रयास किया। बाद में पुलिस पर पथराव कर दिया गया। बखेड़े की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह, सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया आसपास के थानों की पुलिस लेकर मौके पर पहुंचे।
महिला थाना पुलिस ने महिलाओं को रोकने की कोशिश की तो उनसे भी हाथापाई हुई। छतों से भी पथराव शुरू हो गया। महिलाओं के लाठी डंडे लेकर मारपीट पर उतरने पर महिला पुलिस ने भी जमकर लाठियां बरसाई। इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी सतीश राय ने बताया कि चार महिलाओं को नामजद और 15-20 अज्ञात के खिलाफ जाम लगाने, पुलिस से अभद्रता, पथराव, सरकारी काम में बाधा डालने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
विज्ञापन

पुलिस ने की शुरूआत, घसीटकर ले गई
मेरठ। धरनारत महिलाओं का आरोप था कि रात को भारी मात्रा में पुलिस कर्मी धरना स्थल पर आए और वहां लगा बैनर उतारने का प्रयास करने लगे। इस बैनर में इंस्पेक्टर और पुलिस के बारे में टिप्पणी लिखी थी। महिलाओं का आरोप है कि उन्होंने बैनर उतारने का विरोध किया तो पुलिस ने अभद्रता करते हुए महिलाओं को दौड़ाकर पीटा और उन्हें महिला और पुरुष पुलिस कर्मी घसीटकर ले गए। आरोप लगाया कि पुलिस की जोर जबर्दस्ती की वजह से बवाल हुआ है। वे तो शांतिपूर्वक धरने पर बैठी थीं। बुधवार रात भी उनके मोहल्ले के युवक को पीटा गया था। लेकिन पुलिस सुनवाई नहीं कर रही थी।
पुलिस समझाने गई थी
सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया के अनुसार जाम लगा रही महिलाओं को पुलिस समझाने गई थी। लेकिन वे अभद्रता और मारपीट पर उतारू हो गई। पत्थर भी मारे गए। लाठी डंडे लेकर बवाल शुरू कर दिया। महिला थाना पुलिस सहित कई थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। महिला पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर बवालियों को खदेड़ा। घटना का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। वैसे शराब के ठेके का मामला आबकारी विभाग का है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें