नाकाम क्राइम ब्रांच भंग, इंस्पेक्टर समेत 12 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
मेरठ। सोहरका के दोहरे हत्याकांड में क्राइम ब्रांच की लापरवाही सामने आई है। मुख्य आरोपी मांगे उर्फ विनय सेटिंग के साथ सरेंडर हुआ। दूसरा आरोपी विकास मुजफ्फरनगर में एनकाउंटर में ढेर हो गया। दोनों ही अपराधियों की क्राइम ब्रांच को सटीक जानकारी थी। इसके बावजूद टीम सर्विलांस के भरोसे बैठी रही। एसएसपी ने बुधवार को क्राइम ब्रांच को भंग करते हुए इंस्पेक्टर समेत 12 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।
दोहरे हत्याकांड में सीसीटीवी कैमरे में कैद हत्यारोपियों को पकड़ने में क्राइम ब्रांच टीम पूरी तरफ फेल साबित हुई। एसपी क्राइम शिवराम यादव, एएसपी सतपाल सिंह, इंस्पेक्टर राजेश वर्मा, दरोगा जयवीर सिंह समेत उनकी 15 पुलिसकर्मियों की टीम हत्यारोपियों की तलाश में लगी थी। 29 जनवरी को मांगे के सरेंडर होने से पहले क्राइम ब्रांच के पास कई महत्वपूर्ण जानकारी थी। लेकिन पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। जिसके कारण मांगे दिल्ली में गुपचुप तरीके से सरेंडर होने में कामयाब हो गया।
दूसरा आरोपी विकास भी क्राइम ब्रांच के रडार पर था। दोहरे हत्याकांड के बाद विकास लगातार फोन पर सक्रिय था। इसकी जानकारी भी मेरठ क्राइम ब्रांच को थी। कई संदिग्ध नंबर भी पुलिस के पास थे। इसके बावजूद भी क्राइम ब्रांच ने उस पर काम नहीं किया। उन्हीं नंबरों के जरिये मुजफ्फरनगर पुलिस आरोपी विकास जाट तक पहुंची। जिसके चलते मेरठ पुलिस की काफी किरकिरी हुई। एसएसपी मंजिल सैनी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच राजेश वर्मा और दरोगा जयवीर सिंह समेत 12 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी के अनुसार अब क्राइम ब्रांच में दूसरे एक्सपर्ट दरोगा व सिपाही लगाए जाएंगे।
कहीं गद्दारी तो नहीं की
पुलिस के मुताबिक दोहरे हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ने के बजाय कई पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचाने का काम किया है। यह काम कर उन्होंने अपने ही विभाग के साथ गद्दारी की है। एसएसपी का कहना है कि सूचना लगातार लीक हो रही थी। मांगे और विकास की सटीक जानकारी मेरठ पुलिस के पास भी थी। जांच कराई जा रही कि आखिर पुलिस विभाग में किन पुलिस वालों ने यह गद्दारी की है।
सर्विलांस के भरोसे थी टीम
हत्यारोपियों को पकड़ने में क्राइम ब्रांच का मुखबिर तंत्र पूरी तरह फेल हुआ। क्राइम ब्रांच की टीम धरातल पर काम करने के बजाय सर्विलांस के भरोसे बैठी रही। विकास और मांगे के कई परिचित पुलिस के संपर्क में थे। लेेकिन पुलिस टीम ने सूचनाओं को अपडेट नहीं किया। जिसके चलते मेरठ पुलिस की लखनऊ तक फजीहत हुई। वहीं मुजफ्फरनगर पुलिस ने कुख्यात विकास जाट को एनकाउंटर में ढेर कर बाजी मार ली।