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संप्रेक्षण गृह में किशोरों में चले ब्लेड, नौ घायल

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मेरठ। सूरजकुंड से निकलकर जिला जेल परिसर स्थित राजकीय संप्रेक्षण गृह में पहुंचे किशोरों ने शनिवार शाम बखेड़ा कर दिया। फर्श पर पोछा लगाने को लेकर हुए विवाद में किशोरों के दो गुटों में लात घूसों के साथ ब्लेड चल गए। जिसमें नौ किशोर घायल हो गए। सूचना पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। कि शोरों ने पुलिस अफसरों के सामने ही नारेबाजी करते हुए एलान कर दिया कि रात में वह भाग भी सकते हैं।
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एसओ मेडिकल सतीश कुमार के मुताबिक, जिला कारागार से सटे परिसर में राजकीय संप्रेक्षण गृह सूरजकुंड को शिफ्ट किया गया था। संप्रेक्षण गृह में कई जिलों के किशोर निरुद्ध हैं। शाम के समय फ र्श पर पोछा लगाया जा रहा था। इस बीच दूसरे किशोरों ने कहा कि क्या हम पुलिस के नौकर हैं जो आदेश मानकर पोछा लगाएं। इस पर दोनों पक्षों के किशोरों में हाथापाई हो गई। जिसके बाद पहले तो किशोरों में जमकर लात घूंसे चले, बाद में दो किशोर ब्लेड निकालकर ले आए और एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। वहां मौजूद कर्मचारियों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। सीओ सिविल लाइन चक्रपाणि त्रिपाठी मेडिक ल, सिविल लाइन, भावनपुर और नौचंदी थाने की पुलिस के साथ पहुंचे। किशोरों के उत्पात को देखते हुए पुलिस का पहरा लगाया गया है।
कर्मचारियों ने खुद को कमरे में बंद किया
जैसे ही किशोरों के दोनों गुटों में मारपीट हुई तो वहां मौजूद कर्मचारियों के होश उड़ गये। कर्मचारियों को डर था किशोर एक जुट होकर हमला बोल सकते हैं। इस दौरान कर्मचारियों ने खुद को कमरे में बंद कर अंदर से गेट लगा लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर ही कर्मचारी कमरे से बाहर निकले। पुलिस ने बताया कि पहले राजकीय संप्रेक्षण गृह सूरजकुंड पर था, जहां आए दिन बवाल होता था। कई बार किशोर जंगला तोड़कर व दीवार फांदकर फरार भी हो गये थे। किशोरों के बवाल में तीन साल पहले एक सिपाही की मौत भी हो गई थी।
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खास बातें:
- फर्श पर पोछा लगाने को लेकर हुए विवाद में आपस में भिड़े दो गुट
- पुलिस अफसरों के सामने किया फरार होने का एलान
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