खाकी के अचूक निशाने से कुख्यात का खात्मा
मेरठ। खाकी के अचूक निशाने ने मंगलवार देर रात कुख्यात मंसूर के आतंक का खात्मा कर दिया। पुलिस के अनुसार करीब 10 साल से सहारनपुर और आसपास के जिलों में हिस्ट्रीशीटर मंसूर का खौफ बना था। जो अपने साथियों के साथ हत्या, लूट, डकैती के अलावा रंगदारी वसूलने की घटनाएं अंजाम देता था। सहारनपुर में ही पांच साल पहले पेट्रोल पंप पर लूट के बाद व्यापारी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी।
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि करीब 40 वर्षीय मंसूर पहलवान पर 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। मंसूर सहारनपुर के बेहट थाने का हिस्ट्रीशीटर था। तीन दिन पहले मंसूर ने अपने साथी हसीन मोटा के साथ लिसाड़ी गेट निवासी वकील अहमद से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। जिसका मुकदमा लिसाड़ी गेट थाने में दर्ज हुआ था। रंगदारी नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। मंगलवार रात कुख्यात मंसूर अपने दो साथियों के साथ बाइक से मेरठ की तरफ आया था। प्रॉपर्टी डीलर ऋषि को पहले हथियारों के बल पर रोका और सीने में गोली मारने की धमकी देकर उसका उसी की कार में अपहरण कर लिया।
पांच मिनट में हुई घेराबंदी
प्रॉपर्टी डीलर ऋषि कुमार ने वारदात की सूचना कंट्रोल रूम पर दी तो शहर की पुलिस ने पांच मिनट में ही रुड़की रोड और दिल्ली रोड की घेराबंदी कर ली थी।
ताबड़तोड़ फायरिंग से फैली दहशत
पुलिस ने कार सवार बदमाशों का पीछा किया तो बदमाशों ने पहले हवाई फायरिंग की। पुलिस ने भी गोलियों से जवाब दिया। इस बीच कंपनी बाग के पास सदर इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल की टीम ने बदमाशों की घेराबंदी कर ली। मुठभेड़ में एक्सपर्ट प्रशांत कपिल की टीम बुलेट प्रूफ जैकेट से लैस थी। इस दौरान बदमाशों की गोली सिपाही की बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी, जिसके चलते वह बाल-बाल बचा।
खुद के ही सीने में लगी गोली
पीड़ित प्रॉपर्टी डीलर ऋषि कुमार ने एसएसपी और एसपी सिटी को बताया कि बदमाशों ने उसके मुंह में पिस्टल देते हुए धमकी दी थी कि यदि आवाज निकाली तो सीना छलनी कर देंगे। लेकिन मंसूर को नहीं पता था कि चंद मिनटों में गोली उसके सीने को भेद देगी। पुलिस की तरफ से चली सटीक गोली कुख्यात मंसूर के सीने में जा लगी। डॉक्टरों ने बताया कि सीने में लगी यह गोली ही उसकी मौत का कारण बनी।