मेरठ। पुलिस मुठभेड़ में मारा गया मंसूर कुख्यात मुकीम काला गैंग का शार्प शूटर था। बचपन में अनाथ होने वाला मंसूर 15 साल की कच्ची उम्र में जरायम की दलदल में उतर गया था। लूट के बाद हत्या करना मंसूर का पेशा बन गया था। मुकीम के जेल जाने के बाद वह लिसाड़ी गेट में रहने लगा था। हरियाणा के कई शूटरों से उसके अच्छे संपर्क थे। शोरूमों से आने वाले कार, ट्रैक्टर, ट्राला आदि बड़े वाहन उसके टारगेट पर होते थे। कई चालक और क्लीनरों की हत्या भी वह कर चुका था।
पुलिस अफसरों के मंसूर ने किशोर अवस्था में ही लूट और चोरी की वारदात करनी शुरू कर दी थी। करीब दस साल पहले उसकी मुलाकात मुकीम काला से हुई। यही से वह अपराध की दुनिया में पहुंच गया। शुरूआती दौर में मंसूर शोरूमों से बड़े वाहन लेकर निकलने वाले चालक और क्लीनरों को मारकर वाहन लूट लेता था। हरियाणा और सहारनपुर पुलिस ने मंसूर को कई बार जेल भेजा। मुकीम के साथ मिलकर उसने लूट की दर्जनों वारदात को अंजाम दिया।
चार को गोली लगी, पांच बदमाश ढेर
मेरठ में यह पांचवां एनकाउंटर है। इससे पहले पुलिस ने चार बदमाशों को पैर में गोली मारी। इस बार मुकीम काला गैंग का शूटर मुठभेड़ में मार गिराया है। इसकी जानकारी पर देर रात एडीजी मेरठ जोन ने मेरठ एसएसपी मंजिल सैनी दहल से फोन पर बात की।
मेडिकल स्टोर संचालक से लूटी थी रिवाल्वर
अंदेशा है कि मंसूर से जो रिवाल्वर बरामद हुई है, वह खतौली में एक मेडिकल स्टोर संचालक से लूटी गई थी। बदमाश के ढेर होने की जानकारी पर खतौली पुलिस भी मेरठ पहुंची। पुलिस रिवाल्वर की जांच में जुटी थी।
बदमाश ढेर, पुलिस सुरक्षित
मेरठ जोन के मेरठ जिले में यह पहली ऐसी मुठभेड़ है जिसमें बदमाश पुलिस की गोली से ढेर हो गया और कोई पुलिसकर्मी घायल तक नहीं हुआ। बदमाश को गोली मारने वाले इंस्पेक्टर सदर बाजार प्रशांत कपिल ने बताया कि बदमाश ने चार गोलियां रिवाल्वर से चलाईं। पुलिस ने जवाब में पांच गोलियां चलाईं, जिसमें चार गोलियां कार में, एक गोली बदमाश को लगी।
खास बात
- बचपन में अनाथ हुआ, 15 साल की उम्र में उतर गया था जरायम में
- शोरूम से निकलने वाले वाहनों को लूटता था, मार देता था चालक, क्लीनर