कंकरखेड़ा। शराब के ठेके पर कब्जा पर चल रहे भजन-कीर्तन और धरना प्रदर्शन को सीओ दौराला और इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा ने बंद करा दिया। धरने से न उठने पर महिलाओं को चेतावनी दी कि यदि वे नहीं मानीं तो गंभीर धाराओं में उनके खिलाफ केस दर्ज होंगे। जिसके चलते दहशत में महिलाएं अपने घरों को लौट गईं।
जवाहरपुरी में पुष्पेंद्र मार्ग पर काली माता के मंदिर के पास शराब के ठेके के विरोध में महिलाएं नौ दिनों से धरना प्रदर्शन और प्रशासन की बुद्धि शुद्धि के लिए ठेके पर कब्जा कर भजन कीर्तन कर रही थीं। महिलाओं की मांग थी कि यहां से अंग्रेजी और देसी शराब के ठेके साथ ही बीयर शॉप भी हटाई जाए। रविवार को सीओ दौराला वीएस वीर कुमार व इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाने की कोशिश की। न मानने पर उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने की चेतावनी दे दी।
केवल एक ठेका नहीं चलेगा
सीओ का कहना है कि महिलाओं की बात मानते हुए अवैध अंग्रेजी शराब का ठेका नहीं खुलने दिया जाएगा लेकिन बीयर और देशी शराब का ठेका वैध है, जो खुले रहेंगे। इसके अलावा रोजाना शाम को तीन घंटे तक यहां पर पुलिस तैनात रहेगी ताकि कोई भी शराबी यहां का माहौल खराब न करे। प्रशासनिक आदेशों के अनुसार ही कार्रवाई की गई है।
सब वोट बैंक की राजनीति
महिलाओं ने बताया कि जब उन्होंने आंदोलन शुरू किया तो भाजपाई, सपाई व अन्य राजनैतिक दलों के लोग उनका समर्थन कर रहे थे। पुलिस व मुकदमेबाजी से हर तरह से निपटने की बात कहकर महिलाओं को उकसा रहे थे। लेकिन जब पुलिस आई तो समर्थन करने वालों में से कोई भी नजदीक तक नहीं आया। अब निकाय चुनाव में महिलाओं को प्रलोभन देकर अपना वोट बैंक तैयार कर रहे थे। महिलाओं ने कहा कि समर्थन करने वालों की इस बेरुखी से उनमें रोष है।
खास बात
नौ दिनों से ठेके पर कब्जा कर भजन कीर्तन कर रही थीं महिलाएं
धरने को समर्थन देने वाले खिसके, महिलाएं भी दहशत में आ गईं