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किठौर में फिर पकड़ी अवैध असलहों की खेप

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- दो आरोपी गिरफ्तार, सरगना को ढूंढ रही है किठौर पुलिस
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- एनआईए-एटीएस की भी असलहा बनाने वालों पर नजर
- किठौर के राधना-बहरोडा संपर्क मार्ग चल रही थी फैक्टरी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ/किठौर। किठौर इलाका अवैध असलहा बनाने का बड़ा अड्डा बन चुका हैं। जिसका खुलासा एनआईए-एटीएस भी कर चुकी है। इसके बावजूद हथियार बनाने वालों पर मजबूत शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। किठौर में फिर अवैध असलहे की खेप पकड़ी गई है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं, जिनकी तलाश अभी जारी है।
इंस्पेक्टर किठौर प्रेमचंद शर्मा के मुताबिक मंगलवार को पुलिस ने राधना-बहरोडा संपर्क मार्ग के जंगल में छापेमारी की थी। जहां से राधना इनायतपुर किठौर निवासी रिफाकत पुत्र रियासत व फकीरा उर्फ मामू पुत्र मुद्दी उर्फ अलीमुदीन को गिरफ्तार किया है। जहां से 12 बोर की एक बंदूक, एक बंदूक 315 बोर, एक पोनी बंदूक, दो तमंचे, तीन अधबने तमंचे समेत हथियार बनाने के औजार बरामद किये। वहीं, कई अधबने तमंचे व बंदूक भी मिलना बताया है। बुधवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
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थाने में सजाए हथियार, आरोपी जेल में
सवाल बड़ा है कि आरोपियों को गुपचुप तरीके से क्यों जेल भेजा गया। पुलिस ने बुधवार बने व अधबने अवैध हथियारों को थाने में सजाया। आरोपियों के बारे में पूछा गया तो पुलिस ने बताया कि उनको जेल भेज दिया है। आपको फोटो चाहिए, वह मिल जाएगा। सवाल उठता है कि आखिर आरोपियों को मीडिया से क्यों छिपाया गया।
कोई तो झोल है इस खुलासे में
सुरक्षा एजेंसियां भी किठौर को लेकर अलर्ट हैं। इसके बावजूद पुलिस ने इसकी ठीक से जांच नहीं की है। इसको लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं। बताया गया कि पुलिस ने जो हथियार और औजार बरामद किए हैं, वह बहुत पुराने हैं। अंदेशा है कि इनसे हथियार नहीं बन सकते। सवाल है कि अगर पुलिस ने असलाह बनाने की फैक्टरी पकड़ी तो इसको क्यों छुपाया।
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हथियारों की खेप पकड़ी
हथियारों की खेप पकड़ी गई। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस हथियार बनाने वालोें की तलाश में जारी है। फरार सभी आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। -आलोक सिंह, सीओ किठौर
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