- परीक्षितगढ़ से विवाहिता बरामद नहीं होने पर बढ़ रहा जनाक्रोश
- सांप्रदायिक तूल पकड़ रहा मामला, गांव में पीएसी तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ/परीक्षितगढ़। विवाहिता की बरामदगी न होने पर परीक्षितगढ़ में लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार (आज) भाकियू का थाने में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू होगा। इसको लेकर पुलिस-प्रशासन में बेचैनी बढ़ गई है। हालात देखते हुए गांव में पीएसी तैनात की गई है। पुलिस अफसरों ने बताया कि अपहरण के आरोपी पर 25 हजार का इनाम हो गया है। उसकी तलाश में दबिश जारी हैं।
परीक्षितगढ़ इलाके के एक गांव से एक विवाहिता को एक सप्ताह पूर्व शहजाद नाम का आरोपी अपहरण करके ले गया था। दो समुदायों से जुड़ा यह मामला सांप्रदायिक तूल पकड़ रहा है। सोमवार 16 अप्रैल को सैकड़ों लोगों की सभा हुई थी। जिसमें हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक, सिवालखास विधायक जितेंद्र सतवाई, भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, चेयरमैन अमित मोहन टीपू, बढ़ला ग्राम प्रधानपति चीकू बढ़ला गांव में गए थे। भाजपाइयों ने महापंचायत का ऐलान किया था।
एसपी देहात और सीओ सदर देहात ने भाजपाइयों से बात की, तब जाकर महापंचायत टली। जिससे पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली थी। अब भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष नरेश चौधरी के नेतृत्व में विवाहिता की सकुशल बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परीक्षितगढ़ थाने में धरना प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। भाकियू ने ऐलान किया है कि धरना प्रदर्शन अनिश्चितकालीन होगा, जब तक विवाहिता नहीं मिलेगी, धरना जारी रहेगा, जिसमें भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भी शामिल होंगे।
गर्माया जा रहा माहौल
विवाहिता और आरोपी शादाब की कॉल डिटेल पुलिस ने निकाली है। जिसमें पुलिस ने काफी कुछ सुबूत भी जुटाए हैं। इस मामले को सांप्रदायिक तूल देने का प्रयास चल रहा है। राजनीति भी खूब हो रही है। विवाहिता की बरामदगी न होने पर माहौल खराब होता नजर आ रहा है। पुलिस आरोपी शादाब की तलाश में लगी है। एसओ परीक्षितगढ़ रितेश कुमार का कहना है कि आरोपी मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नहीं कर रहा है। पुलिस उसके करीबियों का रिकॉर्ड भी खंगालने में जुटी है।
मामला तूल पकड़ा तो दे दी चार्जशीट
परीक्षितगढ़। विवाहिता के अपहरण में मुख्य आरोपी शहजाद थाने में पथराव, फायरिंग व आगजनी के मामले में भी मुख्य आरोपी रहा है। अब मामला तूल पकड़ा तो पुलिस ने शहजाद समेत दर्जनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय को भेज दी।
26 जून 2017 को ईद पर नमाज के बाद सैकड़ों लोगों की भीड़ ने अभिताब हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर थाने में हंगामा किया था। थाने पर पथराव, फायरिंग और आगजनी में शहजाद सहित 66 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आठ मार्च को शहजाद ने विवाहिता का तमंचे के बल पर अपहरण किया था। भाजपाइयों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं में पुलिस के प्रति इस बात को लेकर भी गुस्सा है कि एक साल बाद भी पुलिस ने बवाल में शहजाद के खिलाफ चार्जशीट नहीं दी। पुलिस यदि शहजाद पर सख्त कार्रवाई करती तो वह अपहरण जैसा दुस्साहसिक कदम न उठाता।