समय रहते पाया हालात पर काबू
मेरठ।
सोमवार को हुए हिंसक आंदोलन की खुफिया विभाग ने शासन को साढ़े तीन पेज की रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में कहा गया कि बवालियों की संख्या हजारों में थी। पुलिस और प्रशासन ने समय रहते स्थिति पर नियंत्रण कर लिया।
एक अधिकारी के अनुसार, सोमवार सुबह 8.40 बजे पुलिस को मैसेज दिया गया था कि दलित समाज के विभिन्न संगठनों के व्यक्तियों द्वारा धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए देहात के मुख्य मार्गों से लोग कचहरी गेट स्थित अंबेडकर चौराहे पर एकत्र होंगे। अंबेडकर चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एसपी सिटी, एसपी देहात और सीओ सिविल लाइन पहुंच चुके थे। उसी दौरान एकजुट हुए लोग कंकरखेड़ा थाने की शोभापुर पुलिस चौकी के पास मेन रोड पर पहुंचे। जहां भीड़ ने चौकी पर पथराव कर आग लगा दी। पुलिस कर्मियों ने किसी तरह जान बचाई। इसके बाद डीएम और एसएसपी व दो एडिशनल एसपी फोर्स लेकर शोभापुर पहुंचे।
जिसके बाद उपद्रवियों ने एनएच-58 पर वाहनों को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ कर दी। रोडवेज की बसों में भी आगजनी की। आग की सूचना पर तत्काल फायर ब्रिगेड की गाड़ी और सर्किल के सीओ मौके पर पहुंचे। देहात के मार्गों से भीड़ बढ़ती गई। एनएच- 58 पर शोभापुर, कंकरखेड़ा, जानी थाना क्षेत्र और सरधना पुल पर करीब पांच किमी के दायरे में भीड़ ने उपद्रव मचाया। सभी स्थानों पर फोर्स बांटकर आधा घंटे में स्थिति को समय से नियंत्रण कर लिया था। पीएसी के अलावा आरएएफ भी बुला ली गई थी।
इसके बाद कचहरी स्थित अंबेडकर चौराहे पर भी करीब दो हजार से अधिक व्यक्ति जुट गये। जहां एक एडिशनल एसपी, एक सीओ और स्थानीय फोर्स थी। अचानक ही यह भीड़ चारों तरफ फैल गई और तोड़फोड़ करते हुए नौचंदी थाने की जीप में आग लगाते हुए फायरिंग कर दी। जिसके बाद एसपी देहात ने भीड़ को नियंत्रण किया और फोर्स बुला ली। बाद में एसएसपी ने कचहरी गेट और आसपास के क्षेत्र में फोर्स के साथ स्थिति पर काबू कर लिया था। सोमवार रात तक पुलिस ने बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा व 162 अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट में कहा गया कि उपद्रवियों द्वारा भागते समय भी संपत्ति को नुकसान पहुंचा गया है। पुलिस अफसरों ने सही एक्शन लेते हुए कठौर कार्रवाई की।