ढाबा खोलने के लिए मांगी थी रंगदारी
मेरठ।
मुकीम काला गैंग के नाम से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप ने बताया कि मुकीम काला का नाम सुनकर व्यापारी डरते हैं, जिसके चलते उसने काला के नाम से पैसे मांगे। वह रंगदारी के पैसे से ढाबा खोलना चाहता था।
एसपी देहात राजेश कुमार ने सोमवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि जानी क्षेत्र के रसूलपुर धौलड़ी निवासी कारी अफसर व्यापारी हैं और गांव के संपन्न किसान हैं। शनिवार तड़के किसान के घर में एक चिट्ठी फेंककर दस लाख की रंगदारी मांगी गई थी। सोमवार को जानी पुलिस ने चिट्ठी फेंकने वाली आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसपी देहात ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी आमिर राजपूत पुत्र खलील निवासी रसूलपुर धौलड़ी है। वहीं उसका साथी जावेद रांगण निवासी नंगला कुंभा थाना जानी फरार है।
एसपी देहात के अनुसार पूछताछ में आमिर ने बताया कि उसने अपने साथी जावेद के साथ रंगदारी मांगने का प्लान बनाया था। उन्होंने सोचा कि हरियाणा की जेल में बंद मुकीम काला के नाम से रंगदारी मांगी तो व्यापारी डरकर जल्द ही मोटा पैसा दे देंगे।
हैंड राइटिंग से पकड़ा गया आरोपी
आठवीं फेल आमिर ने पुलिस को बताया कि यदि वह फोन कर रंगादारी मांगते तो पकड़े जाते। इसलिए उन्होंने चिट्ठी फेंकी। एसपी देहात ने बताया कि चिट्ठी की कॉपी पुलिस ने गांव में जाकर लोगों को दिखाई। इस दौरान पड़ोसी युवक ने बताया कि यह हैंड राइटिंग आमिर की है, लेकिन वह फरार मिला। पुलिस ने आमिर के परिजनों से पूछताछ की। बाद में आमिर को मुखबिर की सूचना पर गांव के बाहर जंगल से पकड़ लिया। आमिर ने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ मोटी रकम वसूलकर सरधना में ढाबा खोलना चाहता था।