मेरठ। सदर तहसील के नायब नाजिर सहित तीन कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा और कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने कलक्ट्रेट और कमिश्नरी पर धरना प्रदर्शन किया। कमिश्नर से वार्ता विफल होने पर कर्मचारियों ने प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दे दी। वहीं, डीएम से भी वार्ता में कोई हल न निकलने पर कर्मचारी नेताओं ने आपातकालीन बैठक कर कलक्ट्रेट और जिले की तीनों तहसील तीन दिन बंद रखने का निर्णय लिया है।
कर्मचारियों ने लिया सामूहिक अवकाश, कामकाज ठप
कलक्ट्रेट सहित जिले की सदर, मवाना और सरधना तहसील के कर्मचारी मंगलवार को सामूहिक अवकाश लेकर कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे। जहां कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया। इसके चलते तीनों तहसीलों और कलक्ट्रेट में लगभग तालाबंदी रही और कामकाज पूरी तरह ठप रहा। कलक्ट्रेट पर धरने को संबोधित करते हुए सुशील त्रिपाठी और महामंत्री श्रीधर देव दूबे ने आरोप लगाया कि कमिश्नर द्वारा तहसील कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नियम विरुद्ध और कर्मचारियों का उत्पीड़न है। तहसील में जब कमिश्नर ने छापा मारा तो रिपोर्ट भी नायब तहसीलदार से कराने के बजाय खुद दर्ज करानी चाहिए थी। कहा कि बिना अधिकारियों की सहमति के कोई कर्मचारी प्राइवेट कर्मचारी नहीं रख सकता है। ऐसे में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई पहले अमल में लायी जानी चाहिए थी। इस समय कलक्ट्रेट और तहसीलों में करीब पचास प्रतिशत पद रिक्त हैं, जिसके कारण कर्मचारियों पर काम का इतना बोझ है कि वह रात-दिन जुटे रहते हैं। ऊपर से इस तरह की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं होगी।
कमिश्नरी पर पुलिस से झड़प
कलक्ट्रेट में करीब दो घंटे धरना देने के बाद कर्मचारी जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कमिश्नरी चौराहा पहुंचे। जहां कमिश्नरी में घुसने को लेकर कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश शर्मा सहित कर्मचारियों की पुलिस से तीखी झड़प हो गई।
कार्रवाई ईमानदारी और पारदर्शिता के लिए
काफी हंगामे के बाद कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए कार्यालय में बुलाया। लेकिन वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही। कमिश्नर ने स्पष्ट कर दिया कि कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमा वापस नहीं होगा। यह सब विभागीय कामकाज में ईमानदारी और पारदर्शिता के लिए किया गया है।
मैं कुछ नहीं कर सकता
कमिश्नर से वार्ता के बाद कर्मचारी नेता डीएम समीर वर्मा से वार्ता करने पहुंचे। जहां डीएम ने भी कर्मचारियों को स्पष्ट कर दिया कि वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते हैं। इसके बाद कर्मचारी नेता प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी देकर लौट गए। शाम को कर्मचारी नेताओं ने आपातकालीन बैठक कर तीन दिन कलक्ट्रेट और तीनों तहसीलें बंद रखने का निर्णय लिया। आंदोलन को पूरे प्रदेश में ले जाने की बात कही। जिलाध्यक्ष सुरेश शर्मा, जोनल अध्यक्ष मुकेश कुमार, दीप चंद, एओ प्रवीन जैन, जीएस राजवंशी आदि सहित अन्य कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
ये था मामला
कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने एक शिकायत पर बीती तीन अगस्त को सदर तहसील में छापा मारा था। जिसमें नायब नाजिर रण सिंह सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके अलावा तहसील के ही आकाशदीप व देवेश नंदन के खिलाफ भी मुकदमा कायम किया गया था।
खास बात
- सदर तहसील के तीन कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट पर जताया कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने विरोध
- यूपी मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के बैनर तले कलक्ट्रेट और कमिश्नरी पर प्रदर्शन
- कमिश्नर से वार्ता विफल होने पर प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी देकर लौटे कर्मचारी