मेरठ। लिसाड़ी गेट के इस्लामाबाद में मंगलवार रात पुलिस ने मीट की दुकानों पर छापा मारा। इस दौरान कुछ लोग लगातार पुलिस को फोन करते रहे कि गाय का मांस बेचा जा रहा है। लेकिन चौकी इंचार्ज ने भैंस का मीट बताकर कार्रवाई नहीं की। जब तक इंस्पेक्टर और सीओ मौके पर पहुंचे दुकानदार ताला लगाकर फरार हो गए। सीओ ने चौकी इंचार्ज की जांच बैठा दी है।
इस्लामाबाद क्षेत्र में कुछ लोग लगातार पुलिस से शिकायत कर रहे हैं कि कई दुकानों पर गाय का मीट बेचा जा रहा है। मंगलवार को एक युवक ने पुलिस को सूचना दी कि पुलिस दुकानदार को बचाने की कोशिश कर रही है। इस्लामाबाद चौकी इंचार्ज मो. कामिल मौके पर पहुंचे और दुकानों पर पहुंचकर मीट की जानकारी ली। जिसके बाद चौकी इंचार्ज ने मीट को भैंस का बताया। इस दौरान दुकानदारों ने दुकानों के शटर बंद कर दिए। बाद में पता चलने पर सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला और इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मो. असलम मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। जब तक दुकानें बंद हो चुकी थीं। सीओ ने चौकी इंचार्ज को फटकार लगाकर पूछा कि यदि मीट की शिकायत की गई तो पशु चिकित्सक से जांच करानी चाहिए थी। पुलिस ने खुद कैसे मान लिया कि मीट भैंस का है। सीओ का कहना है कि चौकी इंचार्ज के खिलाफ जांच बैठा दी गई है। बुधवार को वह मीट की दुकानों पर जांच कराकर खुद कार्रवाई करेंगे।
खास बातें:
इस्लामाबाद क्षेत्र में दुकानों पर लगाया गाय का मांस बेचने का आरोप
मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज ने बताया भैंस का मीट
सीओ कोतवाली ने चौकी इंचार्ज के खिलाफ जांच बैठाई