व्हाट्स एप के 500 नंबर जांच के घेरे में
मेरठ। शहर में दो अप्रैल को हुई हिंसक घटनाओं को लेकर व्हाट्स एप के करीब 500 नंबर जांच के घेरे में हैं। अलग-अलग नंबरों से सौ से अधिक ग्रुपों में मैसेज भेजे गए हैं। जिनमें कुछ वीडियो दूसरे राज्यों के ग्रुपों में भेजकर लोगों को भड़काने की कोशिश भी की गई। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर साइबर एक्सपर्ट ऐसे लोगों पर नजर रखे हुए हैं।
पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया है कि दो अप्रैल की सुबह से ही दलित समाज से जुड़े विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और अन्य लोगों ने दलित लोगों को गांवों में एकत्र किया। भीड़ जुटाने के लिए सबसे ज्यादा व्हाट्स एप ग्रुप में मैसेज भेजे गए। जिसमें प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ भी मैसेज लिखे गए। जिसके चलते सुबह नौ बजे से कंकरखेड़ा में शुरू हुआ उपद्रव दोपहर को कचहरी स्थित आंबेडकर चौक पर पहुंच गया। सोशल मीडिया पर डाली गई फोटो और वीडियो को लेकर साइबर सेल की टीम के अलावा सोशल मीडिया लैब भी नजर रखे हुए हैं। पुलिस द्वारा हिंसा और तोड़फोड़ की दूसरे राज्य की वीडियो भी मेरठ की बताकर वायरल कर दी गई। वहीं, एक धार्मिक स्थल की वीडियो भी एक साल पुरानी थी। जिसे उपद्रवियों ने मेरठ की बताकर वायरल किया।
एसएसपी द्वारा जारी किए गए व्हाट्सएप नंबर पर भी दूसरे राज्य की वीडियो भेजी जा रही हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि व्हाट्सएप ग्रुपों की सर्विलांस की जांच में 500 नंबर संदेह और जांच के घेरे में हैं। इन नंबरों से सौ से अधिक ग्रुपों में वीडियो भेजी गई हैं। जहां से ये फोटो और वीडियो दूसरे ग्रुपों में भेजे गए। एसपी सिटी मान सिंह चौहान का कहना है कि इनकी जांच के लिए एसपी क्राइम और एएसपी की टीम भी लगी हैं। व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
खास बातें:
100 से अधिक व्हाट्सएप ग्रुपों में भेजे गए फोटो और वीडियो
दूसरे प्रदेशों की पुरानी वीडियो से भी माहौल भड़काने की कोशिश
अफसरों ने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन पर होगी कार्रवाई