मेरठ। गन्ना विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर गन्ना आयुक्त का चाबुक चलने लगा है। गन्ना आयुक्त ने रिश्वत लेकर किसानों को सीमा से अधिक ऋण देकर विभाग को नुकसान पहुंचाने और मनमाने ढंग से कार्य करने के आरोपी सुपरवाइजर और वरिष्ठ कार्यालय सहायक को निलंबित कर दिया है। सुपरवाइजर की जांच उप गन्ना आयुक्त और वरिष्ठ कार्यालय सहायक की जांच डीसीओ गाजियाबाद से कराने के निर्देश दिए हैं।
गन्ना विभाग कर्मियों पर क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर किसानों को अनियमित ऋण वितरण करने, पुराने बकायेदारों को ऋण देने और उनकी साख से अधिक ऋण देकर समितियों को क्षति पहुंचाने के मामले सामने आते रहते हैं। लेकिन स्थानीय अधिकारी शिकायत के बाद भी इन मामलों को दबा जाते हैं। ऐसे ही आरोप में प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बुलंदशहर में तैनात सुपरवाइजर (पर्यवेक्षक) प्रेमपाल सिंह सिरोही और जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय मेरठ में तैनात वरिष्ठ सहायक मांगेराम शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। भूसरेड्डी ने नामित जांच अधिकारियों को छह सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।