गवाहों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करे पुलिस
मेरठ।
गवाहों की हो रही हत्याओं का मामला कानून व्यवस्था बैठक में भी गूंजा। आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि पुलिस हर सूरत में गवाहों की सुरक्षा करे। बढ़ते अपराध चिंता का विषय है। इसके लिए पूरे सिस्टम को एक साथ काम करना होगा।
शुक्रवार को आयुक्त सभागार में मंडलीय कानून एवं शांति व्यवस्था की समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने मंडल में बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाकर चौकस होकर कार्य करने को कहा। लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करने, महिला अपराध के प्रति संवेदनशील बनने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कानून एवं शांति व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने भू-माफिया, शराब, पशु व खनन माफियाओं को चिह्नित कर जेल भेजने के निर्देश दिए।
आंख खोलकर काम करें एसओ
आयुक्त ने कहा कि थानाध्यक्ष आंख और कान खोलकर रखें। गश्त केदौरान चौकसी बरतें और सामान्य सी गड़बड़ी मिलने पर गंभीरता दिखाएं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि क्या लड़कियां सड़क पर चलते हुए सुरक्षित महसूस करती हैं? किसी ने हां तो किसी ने ना में जवाब दिया। कहा कि पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार की जरूरत है।
ट्रैफिक सिस्टम सुधारें
आयुक्त ने यातायात व्यवस्था में भी सुधार लाने को कहा। पुलिस की कार्रवाई दिखनी चाहिए सिर्फ खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला अपराधों में पंजीकृत अभियोगों में किस किस वाद में अभियोग पंजीकृत हुए हैं उसका पृथक-पृथक ब्योरा दें तथा कितने अभियुक्त हैं तथा कितनी कार्रवाई की गई उसकी आख्या प्रस्तुत करें। वाहन चोरों को चिह्नित कर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करें। इस दौरान मंडलायुक्त ने 28 फरवरी तक हैसियत प्रमाण पत्र के सभी लंबित वादों का निस्तारण करने के निर्देश दिये। श्रावस्ती मॉडल के आधार पर ग्रामों में भूमि विवाद निस्तारण के संबंध में एक्शन को कहा। कहा कि अभियान में गठित दल की रवानगी थाने से दर्ज करने के बाद हो। दल के साथ एक सब इंस्पेक्टर आवश्यक रूप से उपस्थित रहना चाहिए।
जनवरी में बढ़ गए अपराध
इस मौके पर अपर आयुक्त आरएन धामा ने बताया कि विगत तीन वर्षों के सापेक्ष जनवरी 2018 में मंडल में डकैती, हत्या, बलात्कार, शीलभंग एवं अपहरण के मामलों में वृद्धि हुई, जबिक लूट एवं वाहन चोरी के मामलों में कमी आई है। उन्होंने बताया कि मंडल में मेरठ में लूट, हत्या, शीलभंग, बलात्कार के मामले सबसे ज्यादा हुए हैं जबकि मंडल में गाजियाबाद में वाहन चोरी व अपहरण के मामले सबसे ज्यादा हुए हैं।
ये हुई कार्रवाई
अपर आयुक्त के मुताबिक जनवरी 2018 में मंडल में 216 अपराधियों को गुंडा एक्ट, 37 को गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध किया गया है। बैठक में डीएम मेरठ अनिल ढींगरा, गौतमबुद्धनगर बीएन सिंह, बुलंदशहर डॉ. रोशन जैकब, बागपत ऋषिरेंद्र कुमार, गाजियाबाद रितु माहेश्वरी, हापुड़ कृष्ण करुणेश, एसएसपी मेरठ मंजिल सैनी, बुलंदशहर मुनिराज जी, एसपी बागपत जय प्रकाश, हापुड़ हेमंत कुटियाल, गाजियाबाद सुनीता आदि मौजूद रहे।