मेरठ। ढबाई नगर में दस दिन पहले हुए दोहरे हत्याकांड में दस दिन में दस कदम भी पुलिस की जांच नहीं बढ़ सकी। न तो पुलिस नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर सकी और न ही हत्या को अंजाम देने वाले शूटरों का सुराग लगा। गैंगवार और संपत्ति विवाद में ही पुलिस की जांच अटकी हुई है। जेल में बंद सारिक के रिश्तेदारों को भी पुलिस ने जेल के बाहर से हिरासत में लेकर पूछताछ की।
हापुड़ रोड स्थित ढबाई नगर में दो नवंबर को सलीम और शम्मी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इन हत्याओं के पीछे सलमान व सारिक की गैंगवार सामने आई है। कुछ लोग निशाने पर हैं, जिसका इनपुट पुलिस को मिल रहा है। पुलिस अफसर गैंगवार रोकने के लिए कोशिश कर रहे हैं। पूरे मामले में कुख्यातों की मदद करने वाले पांच सिपाही भी निलंबित हो चुके हैं।
इस हत्याकांड में पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची। पुलिस सिर्फ गैंगवार को लेकर दावे कर रही है। दोहरे हत्याकांड का मुकदमा दर्ज कराने वाला सारिक का भाई वामिक भी नहीं मिला। पुलिस अफसरों का कहना है कि दोहरे हत्याकांड में नामजद आरोपियों की लोकेशन पुलिस की जांच को दूसरी दिशा में ले जा रही है। पुलिस का यह भी मानना है कि दोहरे हत्याकांड में एक को आठ और दूसरे को छह गोली लगी थी। आखिर शूटर इतनी गोली क्यों मारेंगे।
सारिक के ससुराल वाले हिरासत में
पुलिस का कहना है कि जेल में बंद सारिक के ससुराल वाले रविवार को मुलाकात करने जा रहे थे। उससे पहले ही नौचंदी और मेडिकल पुलिस मौके पर पहुंच गई। सारिक के ससुराल पक्ष के लोगों को मुलाकात नहीं करने दी और क्राइम ब्रांच के ऑफिस में लाकर पूछताछ की। पुलिस ने सौ से ज्यादा मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर लगा रखे हैं। हालांकि रात में सारिक के ससुराल वालों को छोड़ दिया गया। दोहरे हत्याकांड में तीन थाना प्रभारी, क्राइम ब्रांच, सर्विलांस टीम तो दो शूटरों की तलाश में एसटीएफ भी लगी है।