मेरठ। लोकसभा चुनाव में सौ से ज्यादा दिव्यांगों ने नामांकन करने का फैसला लिया है। कहा है कि ‘1857’ अभियान के तहत इस बार नोटा नहीं नामांकन कर जवाब दिया जाएगा। इस अभियान से शहर के युवा और दिव्यांग जुड़ रहे हैं। जिससे प्रशासन का सिरदर्द शुरू हो गया है। इसी को देखते हुए एडीएम प्रशासन रामचंद्र ने विकास भवन सभागार में बैठक लेकर उन्हें समझाने का प्रयास किया।
एडीएम प्रशासन ने कहा कि किसी को भी नामांकन के लिए रोका नहीं जा रहा है। लेकिन आदर्श आचार संहिता में किसी भी मांग को पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने दिव्यांगों से अपना एक नेता चुनकर नामांकन करने को कहा। जिससे प्रशासन को भी नामांकन के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो सके। मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर सभी दिव्यांग नामांकन करने पर अड़े थे। मंगलवार को ही पुलिस ने पर्चे बांटने पर तीन युवकों को भी गिरफ्तार किया। इसके बाद से ही प्रशासन हरकत में आया है। प्रशासन ने बुधवार को दिव्यांगों को समझाने का प्रयास किया। बैठक में नितिन माहेश्वरी, रियासत अली आदि मौजूद रहे। दिव्यांगजन अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि दिव्यांगों के साथ वार्ता की गई है। जिसमें एक नेता चुनकर नामांकन करने को कहा है। वहीं, मांगों पर विचार चुनाव आचार संहिता हटने के बाद किया जाएगा।