मेरठ। गाजियाबाद में सराफ ा व्यापारियों से करीब तीन करोड़ रुपये का 10 किलो सोना लूटने के लिए मेरठ से ही मुखबिरी हुई थी। गाजियाबाद और मेरठ क्राइम ब्रांच ने रविवार को शहर सराफा बाजार में छापा मारकर सराफा के दो कारोबारियों के कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार मेरठ के मुखबिर तंत्र के इशारे के बाद ही बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया था। केस का जल्द खुलासा हो सकता है।
पुलिस के अनुसार मुंबई की एक बड़ी सराफा फर्म के मैनेजर दीपक मेरठ में सोने के जेवर का मार्केट करने बीते रविवार शहर सराफा बाजार आए थे। उनके साथ दिल्ली के एक सराफा कारोबारी और उनका कर्मचारी भी था। उनके पास करीब 10 किलो सोना था। वापस लौटते वक्त गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में बदमाशों ने उन्हें बंधक बनाकर सारा सोना लूट लिया था। गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने शहर के सराफा बाजार में व्यापारियों के यहां लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की थी।
सटीक सूचना पर लिए हिरासत में
रविवार को मेरठ और गाजियाबाद क्राइम ब्रांच की टीम देहली गेट थाने की पुलिस के साथ सराफा बाजार पहुंची। एसओ देहली गेट विजय गुप्ता ने बताया कि क्राइम ब्रांच टीम ने दो सराफा कारोबारियों के कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। दरअसल गाजियाबाद पुलिस ने कई बदमाशों को पूछताछ के लिए उठाया था। उनसे मिली जानकारी के बाद ही क्राइम ब्रांच शहर सराफा बाजार में छापामारी करने पहुंची थी।
जीजा साले हैं दोनों
मेरठ। गाजियाबाद क्राइम ब्रांच द्वारा जिन दो सराफा कर्मचारियों को उठाया गया है, वे आपस में जीजा-साले बताए जा रहे हैं। दोनों ही काफी समय से सराफा बाजार में काम करते हैं। सूत्रों के अनुसार ये भी पता चला है कि इनमें से एक की इस लूट में भूमिका काफी संदिग्ध है।
सराफा व्यापारी थाने पहुंचे
क्राइम ब्रांच के छापे के बाद पीड़ित सराफा कारोबारी व्यापारी नेता विजय आनंद के साथ देहली गेट थाने पहुंचे। एक सराफ ने बताया कि इनमें से एक कर्मचारी उनके यहां करीब 19 साल से काम कर रहा है। वो ऐसा काम नहीं कर सकता। उन्होंने दावा किया कि जिस दिन ये वारदात हुई थी उस दिन वो कर्मचारी ड्यूटी पर आया था और शोरूम पर ही रहा था। सीसीटीवी फुटेज भी चेक की जा रही है। सरदार दलजीत सिंह, पुष्पेंद्र जैन, प्रतीक रस्तौगी, ललित आदि मौजूद रहे।