सरूरपुर/मेरठ। सरूरपुर थाना क्षेत्र के रासना गांव के जंगल में बुधवार दिनदहाड़े महिला की गला काटकर हत्या करने से सनसनी फैल गई। सूचना के घंटों बाद देरी से पहुंची पुलिस को आक्रोशित ग्रामीणों ने शव नहीं उठाने नहीं दिया। हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी और परिवार को आर्थिक सहायता की मांग करते हुए पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे एसडीएम और एसपी देहात ने किसी तरह परिजनों और ग्रामीणों को आश्वासन देते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
पुलिस के अनुसार रासना गांव निवासी सुनील किनौनी शुगर मिल में फिटर के पद पर काम करता है। उसकी पत्नी सुदेश बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे अपने ही ईख के खेत में पशुओं के लिए चारा लेने के लिए गई थी। दोपहर तक भी घर न लौटने पर उसकी सास ने पड़ोस के दो लोगों को खेत पर भेजा। दोनों ग्रामीण खेत पर पहुंचे तो वहां सुदेश का खून से लथपथ शव देखकर उनकी चीख निकल गई। उन्होंने इसकी सूचना गांव में आकर दी तो परिजनों में कोहराम मच गया। रोते बिलखते परिजन ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंच गए।
घटनास्थल पर जैसा देखा
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों, परिजनों और पुलिस के अनुसार खेत की मेढ़ पर ही सुदेश की चप्पल और कुछ दूर दरांती पड़ी थी। थोड़ा सा आगे जाकर खून फैला हुआ था। इससे कुछ ही दूर ईख के पास सुदेश का रक्तरंजित शव पड़ा था। सुदेश के गले पर तेज धारदार हथियार का निशान था। वहीं, कपड़े भी अस्त व्यस्त थे। आसपास की ईख और घास छितरी पड़ी थी, जिससे साफ है कि सुदेश ने जान बचाने के लिए हत्यारों का पूरा विरोध किया था।
पुलिस के खिलाफ फैला आक्रोश
सूचना के घंटो बाद मौके पर इंस्पेक्टर सरूरपुर संजीव कुमार पहुंचे तो ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी करते हुए शव नहीं उठाने दिया। ग्रामीणों की पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक हो गई। एसडीएम सदर, एसपी देहात, भाजपा नेता सतेंद्र भराला और क्षेत्र के गण्यमान्य लोगों ने परिजनों को हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी कराने, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान आवंटित कराने व शासन से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
मां को बुलाते रहे मासूम
सुदेश की हत्या के कई घंटों बाद बच्चों को मां का आंचल छिनने का अहसास हुआ। उसके दो बेटे आशीष और अतुल मां-मां कहकर रोते रहे। वहीं, मानसिक रूप से बीमार तीसरा बेटा रोहित अपनी मां का साया उठने से अंजान था। बच्चों को बिलखता देख ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।
पुलिस की इन बिंदुओं पर जांच
ग्रामीणों के अनुसार सुनील का परिवार सीधा सादा है। गांव में उसकी किसी से कोई लड़ाई भी नहीं है। वहीं, फोरेंसिक एक्सपर्ट ने मौके से कई साक्ष्य जुटाए। सुदेश के कुंडल गायब मिलने पर पहले पुलिस ने लूट के विरोध में हत्या होना माना। लेकिन सुदेश की चेन, पायल आदि मौके पर मिले, तो यह संभावना क्षीण हो गई। पुलिस किसी रंजिश या दुष्कर्म के विरोध में हत्या होने की आशंका जता रही है। अंदेशा है कि हत्या में किसी नजदीकी या जान पहचान के व्यक्ति का हाथ हो सकता है। पहचाने जाने के डर से सुदेश को मार न डाला गया हो। वहीं, एसपी देहात राजेश कुमार के अनुसार सभी तथ्यों पर गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही हत्या का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
खास बात
- सुबह गई थी खेत पर चारा लेने, दोपहर को खून से लथपथ मिला शव
- गांव में फैली सनसनी, आक्रोशित ग्रामीणों ने घंटों नहीं उठने दिया शव
- एसडीएम और एसपी देहात द्वारा आर्थिक सहायता के आश्वासन पर माने परिजन