पांच दिन से लोकेशन बदल पुलिस को देता रहा चकमा
सहारनपुर। भीम आर्मी का संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण लोकेशन बदलकर पांच दिन से एसटीएफ और स्वाट टीम को चकमा दे रहा था। पुलिस के पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही अपना ठिकाना छोड़ देता था। पांच दिन में हरियाणा और पंजाब के पांच शहर बदल डाले। गली-गली पुलिस टीम को भटकाया, तब जाकर हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में जाकर हाथ आया।
सहारनपुर के रामनगर में हुए बवाल के तीन दिन बाद ही चंद्रशेखर भूमिगत हो गया। पुलिस ने पहले पांच हजार का फिर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पहले पुलिस मुकदमे दर्ज करने में ही लगी रही और पूरा ध्यान जिले के माहौल को शांत करने में रहा। तब तक चंद्रशेखर उर्फ रावण चैन से पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के हरिद्वार में रहता रहा। जैसे ही एसआईटी का गठन हुआ और उसकी तलाश शुरू हुई, उसने तुरंत ही ठिकाना बदलना शुरू कर दिया।
चंद्रशेखर को पकड़ने के लिए मेरठ की एसटीएफ और सहारनपुर की स्वाट टीम को लगाया गया। पांच दिन से एसटीएफ और स्वाट टीम चंद्रशेखर के पीछे लगी हुई थी। पांच दिन पहले पुलिस उसके काफी नजदीक पहुंच गई थी, लेकिन वह अपनी लोकेशन बदलता रहा। कुछ दिन से तो उसने अपने परिजनों से संपर्क भी बंद कर दिया। चंद्रशेखर आगे-आगे और पुलिस पीछे-पीछे लगी रही। पुलिस के पहुंचने से चंद मिनट पहले ही अपना ठिकाना छोड़कर निकल जाता था। पुलिस हरिद्वार से उसके पीछे लग गई। उसके बाद दिल्ली, गुड़गांव, करनाल, पानीपत, जालंधर, होशियारपुर होते हुए दो दिन पूर्व हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में जा पहुंचा। पुलिस भी उसके पीछे-पीछे इन शहरों में दबिश देती रही। पंजाब के शहरों की तो गली-गली खाक छानी। जब चंद्रशेखर के डलहौजी पहुंचने की सूचना मिली तो पुलिस भी उसके पीछे डलहौजी पहुंच गई। डलहौजी में चंद्रशेखर को बृहस्पतिवार को सुबह लगभग साढ़े 10 बजे पुलिस ने दबोच लिया और गिरफ्तार कर सहारनपुर ले आए। चंद्रशेखर की गिरफ्तारी होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
गर्लफ्रेंड के जरिए पुलिस ने बिछाया जाल
सहारनपुर (ब्यूरो)। पुलिस ने चंद्रशेखर को पकड़ने के लिए उसकी गर्लफ्रेंड को जरिया बनाया और पूरा जाल बिछा दिया। सूत्रों के अनुसार पुलिस जब उसकी लोकेशन ट्रैस करने में नाकाम रही तो पुलिस ने उसकी कमजोरी तलाशनी शुरू कर दी। पुलिस को उसकी दो गर्लफ्रेंड होने के बारे में उसके कुछ विश्वसनीय लोगों से जानकारी मिली। जिनमें एक सहारनपुर में और दूसरी हरिद्वार की बताई जा रही है। पुलिस ने इनमें से एक गर्लफ्रेंड को मोहरा बनाया और पकड़ने के लिए उससे संपर्क कराया। गर्लफ्रेंड ने चंद्रशेखर से मिलने के लिए फोन किया। चंद्रशेखर से उसे अपना पता दे दिया। गर्लफ्रेंड से वह फोन द्वारा संपर्क में बना रहा और पुलिस उसका पीछा करती रही। हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में सुभाष चौक के निकट एक कमरे में वह रह रहा था। गर्लफ्रेंड के कहने पर जब उसने गेट खोला तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।
फरारी के दौरान वीडियो भी जारी करता रहा
सहारनपुर (ब्यूरो)। चंद्रशेखर भूमिगत होने के बावजूद सोशल मीडिया पर पूरी तरह से सक्रिय रहा। वह सहारनपुर की स्थिति की पूरी जानकारी लेता रहा और लगातार अपने वीडियो, ऑडियो, मेसेज जारी करता रहा। वह भीम आर्मी के पदाधिकारियों और अपने साथियों एवं परिजनों को लगातार अपनी जानकारी देता रहा।
बवाल के बाद दो दिन तक पुलिस प्रशासन के संपर्क में रहा
सहारनपुर (ब्यूरो)। ग्राम रामनगर में 9 मई को हुए बवाल के बाद दो दिन तक चंद्रशेखर एसएसपी तथा डीएम के संपर्क में रहा। उन्हें लगातार चेतावनी देता रहा और अपनी मांगे रखता रहा, लेकिन जब उस पर एफआईआर दर्ज हो गई और उसे लगा कि अब पुलिस किसी भी समय उसे गिरफ्तार कर सकती है, वह तुरंत भूमिगत हो गया। पिछले 28 दिन से ही वह भूमिगत चल रहा था।