बहसूमा। 122 बटालियन के जवान सुंदर सिंह का पैतृक कस्बा बहसूमा में राजकीय सम्मान के साथ शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए हजारों ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडर रोहित त्रिपाठी, थाना प्रभारी कुलवीर सिंह ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी।
सुंदर सिंह श्रीनगर के जम्मू बनी में तैनात थे। वह करीब 15 दिन पूर्व घर पर छुट्टी काटकर वापस ड्यूटी पर गए थे। वह पेट की बीमारी से ग्रसित थे। उन्हें बुधवार को खून की उल्टी हुई तथा तबीयत बिगड़ने पर उसे दिल्ली एम्स के लिए रेफर कर दिया था। उनकी बृहस्पतिवार को दिल्ली लाते समय निधन हो गया। सीआपीएफ के असिटेंट कमांडर रोहित त्रिपाठी व इंस्पेक्टर रोहन सिंह लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार शाम पार्थिव शरीर लेकर यहां पहुंचे। पत्नी मिथलेश व पुत्री बेटी आंचल ताबूत से लिपटकर फफक पड़ी। अंतिम संस्कार कस्बे के ही खुजैड़ा मार्ग स्थित श्मशान घाट में किया गया। सुंदर सिंह सात भाई बहनों में सबसे छोटे थे। उनके बडे़ भाई मास्टर नौबहार सिंह व मृतक के पुत्र आर्यन ने मुखग्नि दी। अंत्येष्टी से पूर्व सीआरपीएफ असिसंटेट कमांडर रोहित त्रिपाठी की बटालियन ने 15 सिपाहियों के साथ उन्हें सलामी दी। इस दौरान मवाना ब्लॉक प्रमुख प्रेम सिंह, चेयरमैन विनोद कुमार, महका सिंह रविंद्र नागर, वीरेंद्र नागर आदि समेत हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। ग्रामीण सुंदर सिंह अमर रहे के नारे लगा रहे थे।
मुख्य द्वार बनवाए जाने की मांग
ग्रामीणों ने सुंदर सिंह की स्मृति में कस्बे का मुख्यद्वार बनवाए जाने की मांग की। इस पर असिटेंट कमांडर रोहित त्रिपाठी ने केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता का लाभ मृतक के परिवार को दिलवाने का आश्वासन दिया।
अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचे
सीआरपीएफ के जवान सुंदर सिंह के अंतिम संस्कार में क्षेत्रीय विधायक दिनेश खटीक, जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह व उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव के शामिल नहीं होना चर्चा का विषय रहा।