मेरठ। मेरठ शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और निस्तारण की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी ने बुधवार को नगर निगम और कूड़ा निस्तारण करने वाली कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने लोहियानगर और मंगतपुरम क्षेत्रों में कार्यरत दोनों कंपनियों को निर्देश दिए कि कूड़ा निस्तारण की दैनिक निगरानी के लिए एक सेटेलाइट बेस एप तैयार किया जाए। इससे हर दिन कितना और कहां से कूड़ा उठाया और निस्तारित किया जा रहा है, इसकी जानकारी सीधे निगम अधिकारियों को मिल सकेगी।
कमिश्नर सफाई व्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर नाराज दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि कूड़ा कलेक्शन और निस्तारण की समस्याओं के समाधान में नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे स्थानीय पार्षदों और आम नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है। कमिश्नर ने पहले निगम अधिकारियों से स्थिति जानी, फिर संबंधित कंपनियों के अफसरों से विस्तृत रिपोर्ट ली। यह भी चर्चा हुई कि कंपनी को हटाया जाए या नहीं, लेकिन कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि कंपनी हटाने से नहीं, उससे काम लेने से व्यवस्था सुधरेगी।
उन्होंने जोर दिया कि दोनों कंपनियों को पारदर्शिता के साथ अपनी जवाबदेही तय करनी होगी। सेटेलाइट आधारित ऐप के माध्यम से प्लानिंग और निगरानी दोनों आसान होंगी, जिससे सफाई व्यवस्था में सुधार लाया जा सकेगा। बैठक में अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार, लवी त्रिपाठी, आवास विकास परिषद के अधिकारी और संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।