चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जिलाधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कोविड-19 प्रबंधन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी किए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अखिलेश मोहन ने बताया शासन से आए दिशा निर्देश पर अमल शुरू कर दिया गया है। सभी स्वास्थ्य इकाइयों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों (एमओआईसी) को शासन से मिले दिशा निर्देश का तत्काल प्रभाव से पालन करने के लिये निर्देश दिए गए हैं। सभी कोविड प्रयोगशालाओं को फिर से सक्रिय कर दिया गया है।
विभिन्न सरकारी और निजी चिकित्सालयों की ओपीडी व इनडोर इकाइयों पर लक्षण युक्त व्यक्ति जिसमें खांसी ,बुखार या सांस लेने में कठिनाई के लक्षण पाए गए हों, उनकी कोविड -19 जांच कर 24 घंटे में लैब को देने के लिए निर्देश दिए हैं।
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि एसपी, सीओ और थानेदारों को भी शासन के आदेश से अवगत करा दिया है। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। एसटीएफ को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए है।
रेलवे स्टेशन, बस अड्डों पर होगी स्क्रीनिंग
सीएमओ ने बताया विदेश से आए यात्रियों व रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह क्रियाशील है। जरूरत पड़ने पर उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। अस्पतालों में वेंटिलेटर, कन्सन्ट्रेटर की पर्याप्त व्यवस्था है।
मेडिकल-जिला अस्पताल में कोविशिल्ड खत्म, नहीं लगी बूस्टर डोज
कोरोना के फिर से खतरे के कारण लोग बूस्टर डोज (तीसरा टीका) लगवाने पर जोर दे रहे हैं। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में कोविशिल्ड वैक्सीन खत्म हो गई, नतीजतन काफी लोगों को बिना बूस्टर डोज के ही वापस लौटना पड़ा। जागृति विहार से आए निहारिका, निखिल, शास्त्रीनगर के नितिन और ब्रह्मपुरी के विशाल को बूस्टर डोज नहीं लग सकी।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ प्रवीण गौतम ने बताया कि कोविशिल्ड के अलावा कोवाक्सिन भी कम ही बची है। फिलहाल 35 सेंटर सक्रिय जहां टीकाकरण किया जा रहा है।