फेसबुक पर कवर फोटो... द स्टार्ट ऑफ ए न्यू जर्नी
मेरठ/कंकरखेड़ा। कंकरखेड़ा से अपहृत युवती का बुधवार को भी सुराग नहीं लगा। लेकिन कई नई बातें सामने आई हैं। पुलिस सामने आए सभी तथ्यों की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार आठ नवंबर को घर छोड़ते समय युवती ने अपने फेसबुक अकाउंट पर कवर फोटो पोस्ट किया था। इसमें लिखा था कि ‘द स्टार्ट ऑफ ए न्यू जर्नी’। यह कवर फोटो फेसबुक अकाउंट पर आठ नवंबर की सुबह 5:15 बजे पोस्ट किया गया था। इस पर 15 लाइक भी हैं। पुलिस मानकर चल रही है कि युवती ने पहले से ही घर से निकलने की तैयारी कर ली थी। हालांकि क्राइम ब्रांच इस कवर फोटो की सच्चाई की जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस ने युवती के घर से लेकर शिव चौक तक सीसीटीवी फुटेज चेक की, जिसमें सामने आया कि करीब 100 कदम की दूरी पर युवती ने अपने कपड़े बदल लिए थे। पुलिस के अनुसार यह युवती एक प्ले स्कूल में पढ़ाती थी। वह सुबह अपने घर से रूटीन की तरह स्कूल के लिए निकली थी। आंबेडकर रोड पर लगे एक सीसीटीवी कैमरे में वह कैद हुई। युवती के परिजनों के अनुसार जब वह घर से निकली थी तो उसने स्कूल के ड्रेस कोड के हिसाब से कपड़े पहन रखे थे। लेकिन जब उसको शिव चौक के आसपास सीसीटीवी कैमरे में देखा गया तो उसने जींस और टी-शर्ट पहन रखी थी। जिस जगह से कपड़े बदले गए, वह फासला काफी कम है। पुलिस इसकी जांच कर रही है कि उसने किसके घर पर कपड़े बदले थे।
इस मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक चंद किशोर का कहना है कि युवती आठ नवंबर की सुबह अपने मूल शैक्षिक प्रमाणपत्रों और पासपोर्ट के अलावा कुछ नकदी लेकर घर से निकली थी। इससे पहले उसकी फेसबुक, व्हाट्स एप और इंस्टाग्राम पर पाकिस्तान निवासी बताए गए नदीम खान नाम के युवक से चैटिंग हुई थी। उसके बाद उसकी आखिरी लोकेशन दिल्ली में मिली। जहां जाकर उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। उसके बाद से उसके फेसबुक अकाउंट, व्हाट्स एप और इंस्टाग्राम पर भी कोई अपडेट नहीं है। पुलिस को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) दिल्ली की रिपोर्ट का इंतजार है। जिससे पता चलेगा कि वह देश में ही है या विदेश पहुंच गई है।
अंदेशा.. किसी नेटवर्क में तो नहीं फंस गई
पुलिस को अंदेशा है कि युवती कहीं किसी गैंग के नेटवर्क में तो नहीं फंस गई है। इस केस से जुड़े एक पुलिसकर्मी ने बताया कि वह जब एफआरआरओ गए थे तो वहां इसी तरह का एक और केस पता चला था। बताया गया कि दिल्ली एनसीआर में इस तरह का नेटवर्क काम कर रहा है, जो सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर सक्रिय रहने वाली 17-18 साल के बीच की लड़कियों पर नजर रखता है। इस नेटवर्क से जुड़े लोग ऐसी लड़कियों को कनाड़ा या दुबई में जॉब ऑफर करते हैं। उन्हें तमाम सब्जबाग दिखाते हैं। उनका पासपोर्ट और अन्य कागजात बनवाने में भी मदद करते हैं। जब लड़की बालिग हो जाती है तो उसे घर से लेकर विदेश तक पहुंचाने में मदद करते हैं। इसी तरह का मेरठ का ही एक मामला था, जिसमें यह युवती इसी युवती की तरह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। उसके परिजनों ने काफी खोजबीन की। पता चला कि उनकी बेटी कनाडा में है। परिजन कनाड़ा तक पहुंच भी गए। लेकिन युवती ने भारत आने से इंकार कर दिया था।