मेरठ। सीजेएम कोर्ट ने 28 पुलिसकर्मियों की ब्रह्मपुरी थाने से रिपोर्ट मांगी है। दोनों पक्षों को सुनने की तिथि 25 सितंबर नियत की गई है।
चार सितंबर को नौचंदी और ब्रह्मपुरी पुलिस द्वारा दो अलग-अलग जगह पर हुई मुठभेड़ में तीन आरोपी अनीस उर्फ काला, इरफान उर्फ लाला व सरताज गोली लगने से घायल हुए थे। जबकि चौथा आरोपी इनाम फरार हो गया था। मुठभेड़ के बाद ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने इनाम के साथ शरद निवासी माधवपुरम को भी वांछित बनाया था। आरोपी शरद ने सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया। तीन इंस्पेक्टरों समेत 28 पुलिसकर्मियों द्वारा फर्जी मुठभेड़ और 28 लाख रुपये की डिमांड करने का आरोप लगाया। इस वाद में सुनवाई 25 सितंबर को नियत हुई है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि 25 सितंबर से पहले ब्रह्मपुरी थाना पुलिस अपना पक्ष कोर्ट में प्रस्तुत करे। साथ ही संबंधित पुलिसकर्मियों की भी रिपोर्ट दे। इसकी जानकारी पर पुलिस महकमे में बेचैनी है। ब्रह्मपुरी थाने की पुलिस कोर्ट मेें रिपोर्ट पेश करने के लिये दस्तावेज तैयार करने में जुट गई है।
इन पुलिसकर्मियों की मांगी जानकारी
सर्विलांस इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी, इंस्पेक्टर नौचंदी तपेश्वर सागर, इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी रघुराज सिंह, दरोगा प्रेमपाल सिंह, उधम सिंह, अंकित कुमार, सिपाही मनोज दीक्षित, बंटी, मुनीश शर्मा, संतरपाल, सौरभ, विकास भारद्वाज, निकुंज कुमार, परविंद्र, मनोज, उपेंद्र कुमार, मलखान सिंह, मोहित पंवार, नवीन सिंह, अजय, कामिल, आशीष, सतीश चंद, निकेश, आदेश, सुधीर, एचसी सत्यवीर सिंह आदि की मुठभेड़ में क्या भूमिका है, इसकी जानकारी मांगी गई है।