मोदीपुरम। रैपिड रेल प्रोजेक्ट में भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान परिसर मोदीपुरम की करीब दो हजार स्क्वायर भूमि जा रही है। इसके बदले रैपिड रेल प्रबंधन विवि में इंटरनेशनल लैब बनाने में सहयोग करेगा। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से इस लैब की बिल्डिंग बनाकर देगा। लैब पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। यह देश की पहली अत्याधुनिक लैब होगी, जहां जैविक उत्पादों की जांच होगी। साथ ही शोध भी होगा।
कृषि विवि की जमीन के संबंध में निदेशक डॉ. एएस पंवार और रैपिड रेल प्रबंधन के बीच बैठक हुई। इसमें सहमति बनी है कि जो जमीन जाएगी, उसके बदले रैपिड रेल प्रबंधन 10 करोड़ रुपये का सहयोग लैब बनाने में करेगा। लैब में जैविक खेती के उत्पादों की जांच हो सकेगी। दलहन, तिलहन और अन्य कोई पेस्टीसाइड तो नहीं है, आदि सभी तरह की जांच की जाएगी। इसके अलावा लैब में शोध कार्य भी होगा।
यह होगी लैब में खासियत
- जैविक उत्पादों की जांच हो सकेगी।
- पेस्टीसाइड या कोई अवशेष या हानिकारक केमिकल तो नहीं है, इसका पता चल सकेगा।
- कोई हानिकारक बैक्टीरिया या सूक्ष्म जीवाणु तो नहीं है, इसकी जांच होगी।
- उत्पाद का क्वालिटी पैरामीटर क्या है, मानक पूरे हैं या नहीं।
- उत्पाद के प्रसंस्करण का भी विश्लेषण किया जाएगा।
- उत्पाद के टेस्ट की भी जांच की जाएगी।
- सब्जी, अन्न, तिलहन, दलहन अन्य उत्पादों की जांच हो सकेगी।
इक्यूपमेंट और केमिकल हैं महंगे
यह लैब नेशनल एक्रीडिशन बोर्ड ऑफ लैबोरेट्री के मानक के आधार पर बनाई जाएगी। इसमें इक्यूपमेंट और केमिकल बहुत महंगे आते हैं, जिनकी कीमत लाखों-करोड़ों रुपये तक होती है।
दिल्ली भेजा जाएगा प्रस्ताव
लैब के लिए करीब 10 करोड़ की धनराशि से रैपिड रेल प्रबंधन बिल्डिंग बनाकर देगा। अन्य सुविधाओं, मशीनों, उपकरणों और केमिकल, स्टाफ आदि पर करीब 20 करोड़ खर्च का अनुमान है। इस राशि के लिए बजट प्रस्ताव भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद दिल्ली को भेजा जाएगा।
- डॉ. एएस पंवार, निदेशक, आईआईएफएसआर मोदीपुरम