स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक घर में शौचालय अभियान पर भ्रष्टाचार की सोच भारी पड़ रही है। इस अभियान में लगे निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ऐसे करीब 500 परिवारों की भी सूची भुगतान के लिए पेश कर दी। जिन्हें प्रत्येक परिवार आठ हजार रुपये शौचालय निर्माण का भुगतान पहले ही हो चुका है। करीब 40 लाख रुपये के होने जा रहे इस गोलमाल को नगर निगम के फाइनेंस कंट्रोलर ने पकड़ लिया। मामला पकड़ में आने के बाद भी निगम प्रशासन चुप्पी साधकर बैठ गया है।
यह है अभियान
खुले में शौच पर प्रतिबंध लगाने के लिए भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय बनाने की योजना शुरू की। इसके तहत शहर में 36 हजार शौचालय बनने हैं। जिनमें एक शौचालय बनवाने के लिए भवन स्वामी को आठ हजार रुपये मिलते हैं। अभी तक आठ हजार लोग शौचालय बनवाने के लिए आवेदन कर चुके हैं। निगम प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर 2317 भवन स्वामियों को पात्र पाया गया है। इस अभियान में सरकार के करीब 29 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ऐसे शौचालय विहीन घरों के चयन की जिम्मेदारी नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को दी गई। निगम प्रशासन ने 2014 में इस योजना के तहत जनता से शौचालय बनवाने के लिए आवेदन मांगे थे। यही विभाग पात्र परिवारों की सूची तैयार करने से लेकर भुगतान तक की जिम्मेदारी भी निभाता है। डबल एंट्री पर पकड़ा गोलमाल
निगम स्वास्थ्य विभाग ने इसी माह एक फाइल शौचालय निर्माण भुगतान के लिए लेखा विभाग में भेजी। जिसमें हुए फर्जीवाडे को पकड़ लिया गया। सूची में निगम स्वास्थ्य विभाग ने उन लोगों के नाम भी शामिल किए, जिन्हें पूर्व में भुगतान हो चुका है। निगम स्वास्थ्य विभाग ने भले ही यह संख्या 15 बताई। लेकिन सूत्र बताते हैं कि 500 से अधिक ऐसे लोग हैं जिनके नाम सूची में डबल अंकित किए गए।
ये हैं नियम
- शौचालय आवेदन पर निगम का सफाई निरीक्षक स्थलीय निरीक्षण करेगा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी संस्तुति देगा
- सफाई निरीक्षक भवन स्वामी को शौचालय का गड्ढा खोदने की अनुमति देंगे
- गड्ढे का फोटो स्वच्छ भारत मिशन की वेबसाइट पर डाला जाएगा
- गड्ढा खुदाई पर भवन स्वामी के खाते में चार हजार और निर्माण पूरा होने पर बाकी रकम मिलेगी
कोट
लिपिक की गलती से 15 लोगों के नाम डबल सूची में शामिल हो गए थे। एकाउंट विभाग की आपत्ति के बाद सूची को दुरुस्त करा लिया है। आगे गड़बड़ी नहीं होगी। सूचियों का अवलोकन हम स्वयं कर रहे हैं।- डॉ. आरएस चौहान, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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नगर स्वास्थ्य विभाग से मिली शौचालय निर्माण भुगतान की फाइल में वह नाम भी शामिल थे, जिनका पूर्व में भुगतान हो चुका है। हमने वह फाइल नगरायुक्त को भेज दी है।- मोइनुद्दीन, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी, निगम
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शौचालय निर्माण में गड़बड़झाला नहीं होने दिया जाएगा। एक नाम पर दोबारा भुगतान की जांच कराकर कार्रवाई होगी। यह प्रधानमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना है। इनकी फाइल हम खुद चेक करेंगे।- हरिकांत अहलूवालिया, महापौर