मेरठ। शहर में कई जगह लगे कूड़े के पहाड़ से भूगर्भ जल भी दूषित होने लगा है। इसके बाद भी निगम के अफसरों के कान में कूड़े के निस्तारण के लिए जूं नहीं रेंग रही।
दिल्ली रोड स्थित मंगतपुरम में कूड़े का पहाड़ बनाकर निगम ने छोड़ दिया है। जिससे करीब 20 लाख की आबादी 10 साल से प्रभावित है। अब कूड़े के पहाड़ पर मलिन बस्ती बस गई है। और कूड़े का कीचड़ क्षेत्र के भूगर्भ जल को दूषित कर रहा है। हापुड रोड स्थित लोहिया नगर में करीब 1200 टन रोजाना कूड़ा डाला जाता है। यहां लगा कूड़ा निस्तारण प्लांट नाम भर का है। आलम यह है कि वहां पर 32 लाख मैट्रिक टन कूड़े का पहाड़ बन गया है। बार-बार एनजीटी की चेतावनी के बाद भी निगम के अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई। परीक्षितगढ़ रोड स्थित गावड़ी गांव में कूड़े के पहाड़ है। नगर निगम ने ऑर्गेनिक रीसाइकलिंग लिमिटेड कंपनी के साथ 7 साल पहले कूड़ा निस्तारण करने के लिए अनुबंध किया था। यह योजना भी नगर निगम की परवाह नहीं चल पाई। इससे क्षेत्रवासी कूड़े से तो प्रभावित हैं। साथ ही कूड़े के चलते क्षेत्र का भूगर्भ जल भी दूषित हो रहा है। प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर हरपाल सिंह का कहना है कि लगातार साफ सफाई का अभियान चल रहा है। कूड़ा रोजाना उठाया जा रहा है। ब्यूरो