मेरठ। औद्योगिक क्षेत्र के 3574 भवनों से निगम को 23 करोड़ का गृहकर नहीं मिलेगा। शासन ने औद्योगिक क्षेत्र के विकास कार्य की जिम्मेदारी यूपीसीडा को सौंप दी है। अब वहां पर साफ-सफाई, सड़क, नाली-नाले का निर्माण पानी, सुंदरीकरण का काम यूपीसीडा ही करेगा।
प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी यूपीपीडा और नगर आयुक्त को सरकारी गजट जारी किया है। इसमें उत्तर प्रदेश के सभी औद्योगिक क्षेत्रों के रख-रखाव एवं म्यूनिसिपल सर्विसेस की जिम्मेदारी यूपीसीडा को सौंपी गई है। औद्योगिक क्षेत्र में भवनों से गृहकर नगर निगम लेता था, जिसके चलते साफ-सफाई, सड़क निर्माण, नाले-नाली निर्माण, पार्क के देखरेख, सुंदरीकरण का कार्य निगम ही करता था। मेरठ में औद्योगिक क्षेत्र में 3574 भवन है, जिनसे नगर निगम को 23 करोड़ का गृहकर लिया जा रहा है। अब नए सरकारी गजट में औद्योगिक क्षेत्र को यूपीसीडा संवारेगा। जिसके चलते मेरठ निगम को प्रतिवर्ष 23 करोड़ के गृहकर का नुकसान हुआ है।
हालांकि, साफ-सफाई, सड़क निर्माण सहित विकास कार्य में 10 करोड़ से ज्यादा नगर निगम को खर्च करना पड़ता था। औद्योगिक क्षेत्र में नगर निगम ने हजारों स्ट्रीट लाइट लगा रखी है। निगम अधिकारियों का कहना कि औद्योगिक क्षेत्र में लगी स्ट्रीट लाइट को उतारा जाएगा। निगम की जितनी भी संपत्ति औद्योगिक क्षेत्र में है, उनको वापस लिया जाएगा।