जागरूकता, सतर्कता के साथ सरकार के तमाम आदेशों को ताक पर रखकर उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के मवी कलां गांव में एक निजी स्कूल खोला गया। जहां पढ़ाई के नाम पर बच्चों की जान जोखिम में डाल दी गई।
शिकायत पर पुलिस पहुंची तो अधिकतर बच्चों को भगा दिया गया, जबकि सात बच्चे एक कमरे में मिल गए। प्रबंधक को पुलिस ने थाने बुलाया।
बालैनी थाने पहुंचे प्रबंधक के पति बाबूराम ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाए बच्चों को जातिगत शब्द बोले। यह भी कहा कि वह तो बच्चों को पढ़ाने की मामूली फीस लेते हैं। पुलिस टीमे पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रबंधक मेरठ जिले में एडीओ कृषि बताए गए हैं।