शनिवार को जब रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो मुझे स्वास्थ विभाग की टीम ने कोविड-19 वार्ड में भर्ती करा दिया है। सफाई कर्मचारी का कहना है कि वह 6 घंटे की ड्यूटी करता था और 3 दिन पहले ही बुखार होने पर बस उसे 1 दिन की छुट्टी दी गई थी। उसके बाद फिर काम करने के लिए कहा गया। वह हर रोज अपने घर भी आ जा रहा था।
सफाई कर्मचारी का टेस्ट न कराने को लेकर कर्मचारी नेता विपिन त्यागी और अन्य कर्मचारी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से भी इस संबंध में रविवार को मिलेंगे। वहीं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ एसके गर्ग का कहना है कि जांच में यह सामने आया है कि सफाई कर्मचारी ने नाम बदलकर कोरोना का टेस्ट कराया है। लेकिन ऐसा उसने क्यों किया इसकी जांच कराई जा रही है।