नमूना लेते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
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मेरठ में मॉडर्न लैब के आठों पॉजिटिव सैंपल जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजे जाएंगे। सीएमओ डॉक्टर राजकुमार ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद ही सही पता लगेगा कि मॉडर्न लैब की मशीन में तकनीकी खराबी है या कोई अन्य कारण रहा जिसकी वजह से 6 लोगों की निगेटिव रिपोर्ट को कोरोना पॉजिटिव बताया गया।
डीएम अनिल ढींगरा ने सोमवार को मॉडर्न लैब की लापरवाही पकड़ी थी। गुरुग्राम की इस कंपनी के रानी मिल बागपत रोड पर दो सेंटर हैं। जांच में सामने आया कि इस लैब में 1253 सैंपल की जांच हुई जिनमें से 24 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
पिछले दिनों यहां एक महिला की सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी लेकिन सरकारी लैब में वह निगेटिव पाई गई। जिसके बाद शक होने पर 8 सैंपलों की जांच कराई गई जो इनके यहां पॉजिटिव आए थे। इनमें से अब छह सैंपल निगेटिव आए हैं। यह सैंपल इनके यहां 21 मई को पॉजिटिव आए थे और 24 मई को इनका दोबारा जांच मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी में कराई गई।
सीएमओ ने बताया कि मेडिकल कॉलेज मेरठ की लैब दोबारा जांच के लिए मान्य नहीं है। ऐसे में जो सैंपल जिस तारीख के लिए गए थे और वह सैंपल पॉजिटिव हैं। ऐसे 8 सैंपलों को अब लखनऊ भेजा जा रहा है। जबकि मॉडर्न लैब से कोरोना पॉजिटिव 6 सैंपलों की जांच सरकारी लैब से कराने की बात कही गई है। वह 6 सैंपल मरीजों के द्वारा दिए गए थे।
चार मरीजों ने दी कोरोना को मात
मेरठ में चार और मरीजों ने मंगलवार को कोरोना को मात दे दी। चारों को मेडिकल कॉलेज के कोविड 19 अस्पताल से मंगलवार देर रात छुट्टी दे दी गई। यह रोगी सरायजीना कोतवाली निवासी एक ही परिवार के तीन सदस्य हैं। इन तीनों ने मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड के चिकित्सकों, नर्सों, वार्ड बॉय और इसके अलावा प्रबंधन की सराहना की।