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कोरोना का खौफ: नाजुक है ये वक्त, ऐसे में डरना नहीं, अगले कुछ हफ्तों तक बरतें ये सावधानी

Thu, 19 Mar 2020 02:35 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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बरतें सावधानी - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना से पूरी दुनिया दहशत में है। यह वायरस मानव जीवन पर खतरा बनकर आया है। अपने- अपने स्तर से तमाम देशों के वैज्ञानिक शोध में जुटे हुए हैं, लेकिन यह दावा करने की स्थिति में कोई नहीं है कि यह कब तक रहेगा और कैसे जाएगा। बेहतर यही है कि एहतियात बरतें। सावधानी ही हमें बचा सकती है। हम मेरठ वालों को तो इसलिए भी गंभीर हो जाना चाहिए, क्योंकि दिल्ली और नोएडा हमारे पड़ोस में हैं। वहां कई केस मिल चुके हैं। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन औसतन 25 हजार लोग मेरठ से दिल्ली आते-जाते हैं। इनमें कौन किसके संपर्क में आया होगा कुछ कहा नहीं जा सकता। दुनियाभर में कोरोना के फैलने का जो आंकड़ा सामने आ रहा है, उसके मुताबिक पहला मामला सामने आने के बाद चार हफ्ते तक सौ के अंदर ही मरीज मिले। इसके बाद मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी। हमारे लिए भी अगले कुछ हफ्ते बहुत नाजुक हैं।

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जरूरी न हो तो घर पर ही रहें
कोरोना से बचाव के लिए सरकार ने कई एहितियाती कदम उठाए हैं। लगातार एडवाइजरी जारी कर बताया जा रहा है कि एकत्रित न हों। इसीलिए जहां- जहां संभव हो सका है अवकाश घोषित कर दिया गया। सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क टू होम की व्यवस्था की गई है। यह इसीलिए कि कोरोना को फैलने से रोका जा सके। बेहतर होगा कि आप भी अपने घर पर रहें। इन छुट्टियों को पिकनिक की तरह इंज्वॉय मत करिए। यहां तक की पार्क में घूमने-फिरने और कहीं भी सामुदायिक रूप से एकत्रित मत होने से बचिए। 

यह जागरूकता नहीं, पैरों पर कुल्हाड़ी मारना है
कोरोना से बचाव के लिए कई सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक आयोजन भी हो रहे हैं। हम किसी के आस्था और विश्वास पर सवाल नहीं कर रहे हैं। बल्कि आपको चेता रहे हैं। कोई बैठक और आयोजन व्यक्तिगत रूप से हो सके तो कर लें, भीड़ न जुटाएं। लोगों से कम से कम छह फीट की दूरी बनाकर रखें। खुद भी सुरक्षित रहें और इस शहर को भी बचाएं। जिन कार्यों को टाला जा सकता हो, उसे टाल दीजिए। क्योंकि पहले इंसान का बचना जरूरी है। अगर भीड़ एकत्र कर आप लोगों को जागरूक कर रहे हैं, समझिए आप खुद के पैर पर भी कुल्हाड़ी मार रहे हैं। वैसे भी डिजिटल इंडिया के दौर में लोगों को जागरूक करने के लिए रैली और सभा करने की जरूरत नहीं है।

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यह करें
-कम से कम छह फीट की दूरी बनाकर रखें
-खांसने, छींकने पर निकलने वाली महीन तरल बूंदें अधिकतम छह फीट तक ही जा सकती हैं
-खांसी, जुकाम है तो घर से बाहर न निकलें, खांसते-छींकते समय मास्क या साफ कपड़ा मुंह पर जरूर रखें
-हाथों से अपने चेहरे, आंख, कान, नाक और बल को न छुएं
-छूने वाली जगह, मसलन दरवाजे का हैंडल, लिफ्ट की बटन, रेस्टोरेंट की कुर्सी-टेबल को लगातार डिसइन्फेक्टेड करते रहें
-हाथ को इत्मिनान से धोएं, कोई हिस्सा बचना नहीं चाहिए। कम से कम 20 सेकेंड हाथ को धोना ही चाहिए।
-कोरोना का वायरस छूने से ही फैलता है, इसलिए अनावश्यक रूप से दीवार, दरवाजे, सीढ़ी की रेलिंग को न छुएं

कोरोना का चरित्र से समझिए
- फ्रांस में 25 जनवरी को पहला केस मिला था। पांचवें हफ्ते में 57 केस थे, जबकि छठे हफ्ते में 613 और सातवें हफ्ते में 3640 के करीब लोग इंफेक्टेड हो चुके थे।
- इटली में भी पहला मरीज मिलने के तीन हफ्ते तक तीन ही केस थे। पांचवें हफ्ते से बढ़ना शुरू हुआ, छठे हफ्ते में चार हजार के करीब लोग कोरोना के चपेट में आ चुके थे
- अपना देश इस मामले में बेहतर है। 30 जनवरी को पहला मामला सामने आया था। अब तक 151 सामने आ चुके हैं। लेकिन, अगले कुछ हफ्ते हमारे लिए बहुत नाजुक है। 

एहतियात से ही चीन ने किया कंट्रोल
अब जबकि दुनियाभर में कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं, चीन ने अपने यहां काफी नियंत्रित कर लिया है। क्योंकि उसने व्यापक पैमान पर एहतियात बरता। 
-सभी आवासीय सोसायटी और दफ्तरों में बिना थर्मल स्कैन के प्रवेश नहीं दिया गया। 
-लोगों को उनके घरों में ही कैद कर दिया गया, परिवार के सिर्फ एक सदस्य को घरेलू सामान लाने के लिए बाहर जाने की अनुमति है।
-स्कूल-कॉलेज बंद कर सभी क्लास को ऑनलाइन कर दिया गया।

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