कोरोना से मौत के बाद अंतिम संस्कार करते सरकारी कर्मचारी
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कोरोना की दूसरी लहर कहर ढा रही है। मेरठ जिला सक्रिय मामलों में प्रदेश में गाजियाबाद के बाद दूसरे नंबर पर है, जबकि मंडल में मौत के मामले में पहले स्थान पर है। प्रदेश के 75 जिलों में मृत्यु के मामलों में पांचवां नंबर है।
कोरोना की दूसरी लहर का असर कहें या लोगों की लापरवाही। वजह चाहे जो हो। यह आंकड़े बेहद दुखद हैं। अभी तक इस महामारी में प्रदेश में हर लिहाज से लखनऊ सबसे आगे रहा है। प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर भी टॉप पांच में रहते हैं। लेकिन लोगों की लापरवाही के कारण इस बार मेरठ सबसे आगे हो गया।
मेरठ मंडल का हाल
जिला सक्रिय मरीज मौत
मेरठ 20823 682
गौतमबुद्धनगर 6271 388
गाजियाबाद 22265 386
बुलंदशहर 11878 166
हापुड़ 2447 165
बागपत 5012 121
(नोट : ये सरकारी आंकड़े हैं, मौत तो इससे कहीं ज्यादा हुई हैं)
इस समय मंडल में बड़ी संख्या में सक्रिय केस हैं। मौतें भी लगातार हो रही हैं। मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। साथ ही अन्य जिलों में भी मरीज काफी बढ़ रहे हैं। प्रयास है कि आने वाले वक्त में बेहतर नतीजे आएं।
- डॉ. अशोक तालियान, मंडलीय सर्विलांस अधिकारी
वहीं मेरठ में पिछले दो दिनों से कोरोना की रफ्तार कम हुई है। मंगलवार को 434 मरीज मिले, जबकि 14 की मौत हो गई। इनमें 13 मौत मेडिकल में और एक निजी अस्पताल में हुई। 12 मौत मेरठ की और बाकी आसपास के जिलों के थे।
मंगलवार को 6663 सैंपल की जांच में हर 15वां व्यक्ति संक्रमित निकला। अब जिले में 9403 सक्रिय मामले हैं। इनमें से 1844 अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 5380 होम आइसोलेशन में है। अब तक 59526 लोगों को कोरोना वायरस की पुष्टि चुकी है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस से 631 लोगों की मौत दिखा रहा है। वहीं मंगलवार को 1233 मरीजों की छुट्टी हुई। अब तक 44771 लोगों की छुट्टी हो चुकी है।