सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि मेरठ में जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और निजी चिकित्सालयों में कोविड के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्था है। अगर जरूरत पड़ी तो इन अस्पतालों को फिर से कोविड के इलाज के लिए सक्रिय कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना की जांच रोकी नहीं है। लगातार 500 से ज्यादा लोगों की जांच कराई जा रही है।
बूस्टर डोज के लिए वैक्सीन नहीं
बूस्टर डोज के लिए जिले में वैक्सीन नहीं है। पिछले दो माह से टीकाकरण बंद है। जनवरी में 22000 डोज आई थीं। इसके बाद से वैक्सीन नहीं आई है। अब तक यहां 3018317 लोगों को पहला टीका लग चुका है, जबकि 2762315 को दोनों टीके लग चुके हैं। इनके अलावा 750039 लोग ऐसे भी हैं, जिनके तीनों टीके लग चुके हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रवीण गौतम ने बताया कि वैक्सीन के लिए अभी कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। न ही शासन से कोई वैक्सीन आई है। अगर वैक्सीन आएगी तो फिर से टीकाकरण शुरू किया जाएगा।
मास्क का इस्तेमाल करें
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा ने बताया कि ऐसा नहीं लग रहा है कि कोरोना की लहर आएगी। ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है, बस एहतियात बरतने की आवश्यकता है। मास्क का इस्तेमाल करें और साफ-सफाई का ध्यान रखें। अगर खांसी-जुकाम और बुखार है तो चिकित्सक से परामर्श लें। हाथ साफ रखें और जरूरत लगे तो मास्क लगा सकते हैं, ताकि वायरस से बचे रहें। खांसते और छींकते समय नाक और मुंह पर रूमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखें।