भारतीय कला संगम रामलीला के अध्यक्ष अशोक छाबड़ा, भारतीय कला मंच के महामंत्री वरुण शर्मा, आशुतोष मंदिर क्लब के प्रधान गौरव चौधरी, उत्तर रेलवे नाटक क्लब के प्रधान रवि जुनेजा ने बताया कि प्रमुख लीलाओं पर जुलूस निकालकर भंडारे आयोजित किए जाते थे। पहले से बैंडबाजे, आतिशबाजी, घोड़े, मंच की सजावट, हलवाईयों की बुकिंग होती थी, लेकिन इस बार कोई आयोजन नहीं हो सका।
सामान्य रामलीलाओं में 12 से 15 लाख रुपये खर्च होते थे। इनके अलावा कोरोना की वजह से जुबली पार्क, हकीकतनगर, खलासी लाइन, लेबर कॉलोनी, नुमाइशकैंप, ब्रह्मपुरी कॉलोनी, पेपर मिल रोड, खानआलपुरा के तकिया सहित 17 जगहों पर रामलीलाओं का आयोजन नहीं हो सका।
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