कोरोना : 42 नए संक्रमित मिले
सरधना के 12, दौराला के छह, मवाना के 15 और खरखौदा के नौ लोग शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना/दौराला/मवाना/खरखौदा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग जांच का दायरा बढ़ा रहा है। बुधवार को कुछ राहत भरी खबर आई है। केवल 42 कोरोना संक्रमित मिले, जिनमें सरधना के 12, दौराला के छह, मवाना के 15 और खरखौदा के नौ लोग शामिल हैं।
सरधना में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने 168 लोगों की जांच की, जिसमें 12 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जुल्हैड़ा में दो, भामौरी में दो, अलीपुर में तीन, टेहरकी में एक व नगर के बिगलियारा में दो लोग संक्रमित मिले हैं। लोगों को कोरोना से बचाव के लिए एहतियात बरतने की जरूरत है।
दौराला में बुधवार को घर-घर जाकर लगभग 650 लोगों की कोरोना जांच की गई। जिसमें छह लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। सभी को क्वारंटीन किया गया।
मवाना क्षेत्र में 150 लोगों की जांच में 15 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले। सीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश भास्कर ने बताया कि फलावदा से एक, बना से एक, खाता से एक, मवाना शुगर मिल से दो, कौल से एक, हुमायूंपुर से एक, मोहल्ला कल्याण सिंह से एक, हीरालाल से एक, मिल रोड से एक, मोहल्ला मुन्नालाल से चार तथा मवाना से एक संक्रमित मिला। जबकि 100 लोगों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजे गए हैं। 45 वर्ष से अधिक उम्र के 160 लोगों को कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई गई। जबकि 18 वर्ष से अधिक के 195 लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया। इसके अतिरिक्त नगरीय प्राथमिक केंद्र पर 100 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई।
खरखौदा क्षेत्र में संक्रमित लोगों की संख्या तो कम नहीं हो रही, लेकिन पिछले चार दिन से एक भी कोविड संक्रमित व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। खरखौदा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ आरके सरोहा के अनुसार बुधवार को 64 लोगों की एंटीजन जांच कराई गई। जिसमें नौ लोग संक्रमित मिले। केंद्र प्रभारी का कहना है कि लोग जागरूक हो चुके हैं तथा स्वयं ही जांच कराने स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच रहे हैं। जो क्षेत्र के लिए अच्छा संकेत है।
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संक्रमितों के परिजनों की जांच न होने से फैल रहा संक्रमण
- स्वास्थ्य विभाग बता रहा जांच किट का अभाव
- 18 से अधिक उम्र के लोगों को टीका लगाने में हो रहा खेल
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए चेन तोड़ना जरूरी है, लेकिन संक्रमित व्यक्ति के परिवार के लोगों की जांच ही नहीं हो पा रही है, जिस कारण संक्रमण का फैलाव बढ़ रहा है। वहीं, 18 वर्ष से ऊपर वालों को वैक्सीन लगाए जाने के मामले में भी खेल हो रहा है।
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए इस बार जितनी लापरवाही निचले स्तर पर हो रही है, उसका ही नतीजा है कि संक्रमण के साथ मौतों का भी आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। कोरोना कर्फ्यू के दौरान बिना किसी कारण घूमने वालों पर पुलिस प्रशासन ने कोई सख्ताई नहीं दिखाई। वहीं, जांच कार्य में भी लापरवाही बरती जा रही है। कोरोना की जांच केवल उन लोगों की हो रही है जो स्वयं जांच कराने के लिए सीएचसी पहुंच रहे हैं। जबकि संक्रमित लोगों के परिवार की कोई जांच इस बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा नहीं की जा रही है। यही कारण है कि संक्रमण की दर प्रतिदिन बढ़ रही है।
वहीं 18 वर्ष से ऊपर वालों की वैक्सीन लगने में भी खेल हो रहा है। कुछ लोग बिना रजिस्ट्रेशन के ही वैक्सीन लगवा चुके हैं। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. सतीश भास्कर का कहना है कि संक्रमित हुए लोगों के परिवार की जांच इसलिए नहीं कराई जा सकी है, क्योंकि जांच किट कम हैं तथा बीमार और गर्भवती की जांच कराई जा रही है। किट प्राप्त होते ही पहले की तरह जांच करानी शुरु कर दी जाएगी। वहीं, बिना रजिस्ट्रेशन के वैक्सीन लगवाने के मामले में उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा इस पर अब और कड़ाई से निगाह रखी जाएगी।