दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन जैन मंदिरों में अभिषेक और शांतिधारा के साथ हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दशलक्षण महापर्व के तीसरे दिन शुक्रवार को शहर के विभिन्न दिगंबर जैन मंदिरों में उत्तम आर्जव धर्म की पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर अभिषेक, शांतिधारा और विधान के साथ श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया। इसमें जैन संतों ने छप कपट त्यागने का संदेश दिया।
असौड़ा हाउस स्थित श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में सुबह अभिषेक एवं शांतिधारा हुई। जैन समाज के रचित जैन ने बताया कि स्वर्ण झारी से मुख्य शांतिधारा का सौभाग्य संजय जैन, सार्थक जैन परिवार को प्राप्त हुआ। रजत झारी से शांतिधारा का सौभाग्य रमाकांत जैन, सौरभ जैन, अंकित जैन परिवार को मिला। पंडित पलाश जैन शास्त्री ने कहा कि मन, वचन और काया की सरलता का नाम आर्जव है। जैसा मन में विचार हो वैसा ही वचन और कर्म होना चाहिए। रात्रि में असौड़ा हाउस मंदिर में भक्तांबर स्तोत्र के 48 श्लोकों पर 48 दीपकों से दीप अर्चना की गई। सोनिया जैन ने प्रश्नोत्तरी कराई और विजेताओं को पुरस्कृत किया।
फूलबाग कॉलोनी में उत्तर आजर्व धर्म की पूजा
फूलबाग कॉलोनी स्थित श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में भी उत्तम आर्जव धर्म की पूजा हुई। पारसनाथ भगवान के अभिषेक के बाद शांतिधारा की बोली प्रदीप जैन, आकाश जैन ने ली। अध्यक्ष हेमंत जैन ने विधि विधान से शांतिधारा संपन्न कराई। मंत्री नवीन जैन ने कहा कि छल, कपट के त्याग से आत्मा में उत्तम आर्जव धर्म प्रकट होता है।
फूलबाग कॉलोनी मंदिर में भी सामूहिक आरती, शास्त्र सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। जैन मिलन मेरठ महान की संयोजिका वीरांगना सीमा जैन ने खेलेगा कोई पाएगा कोई कार्यक्रम कराया। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राजेश कुमार जैन, नवीन जैन, हेमंत जैन, संजय, अतुल, प्रदीप, अंबुज, विपिन, योगेंद्र, सुनील, अनुज, मयंक, वीरेश आदि मौजूद रहे।
कंकरखेड़ा मंदिर में चौसठ रिद्धि विधान
कंकरखेड़ा स्थित श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में विधानाचार्य आशीष जैन के निर्देशन में चौसठ रिद्धि विधान का आयोजन हुआ। भगवान को पांडुक शिला पर विराजमान कराने का सौभाग्य आर्जव जैन को मिला। जबकि शांतिधारा दीपक जैन और संदीप जैन ने की।