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हमीरपुर के दो युवतियों के धर्मांतरण पर भड़के भाजपा कार्यकर्ता
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खतौली (मुजफ्फरनगर)। हमीरपुर से अपह्त दो युवतियों का खतौली में धर्मांतरण कराए जाने की जानकारी पर भाजपा व हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बुधवार को थाने पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दोनों युवतियों को बरामद कर लिया है। एक महिला की सास सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। हमीरपुर पुलिस को भी मामले की सूचना दे दी गई है।
दोनों युवतियां जिला हमीरपुर के राहट कसबे की रहने वाली हैं और वहां पर इनके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज है। इनमें से एक युवती ने दस दिन पूर्व मूल निवास प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया। महिला सभासद अनीता रानी की संस्तुति पर तहसील से 15 जून को युवती का मूल निवास प्रमाणपत्र जारी कर दिया। इसी दौरान सभासद ने संदेह होने पर इसकी जानकारी अपने पति को दी और युवती का आधार कार्ड मंगवाया तो वह फर्जी निकला। मोहल्ले के लोगों ने आरोपी के भाई से पूछताछ की तो धर्मांतरण के मामले का खुलासा हुआ। इस मामले में मुख्य आरोपी वसीम कपड़ों की फेरी लगाता है। वही उसे हमीरपुर से लेकर आया था और यहां लाकर गत वर्ष 20 जनवरी को उसका धर्मांतरण कराकर निकाह कर लिया। पुलिस ने युवती को बरामद कर आरोपी की मां व भाई को हिरासत में ले लिया। सीओ खतौली राकेश सिंह ने बताया कि युवती से पूछताछ में पता चला कि हमीरपुर से ही एक अन्य युवती को नई आबादी में रहमान पठान के घर रखा गया है। पुलिस ने उसे भी बरामद कर लिया गया।
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मुजफ्फरनगर में धर्मांतरण व निकाह, गवाह बने मेरठ के लोग
मुजफ्फरनगर। कस्बा खतौली में हमीरपुर से अपहृत कर लाईं गईं दो युवतियों के मामले में जो जानकारी पुलिस जांच में सामने आई हैं, उससे पूरे मामले में सुनियोजित साजिश की बू आ रही है। दोनों युवतियों का धर्मांतरण व निकाह मुजफ्फरनगर में कराए गए, लेकिन उनमें गवाह के तौर पर मेरठ जनपद के लोग शामिल हुए। पुलिस सभी बिंदुओं पर मामले की जांच कर रही है।
दरअसल, दोनों अपहृत युवतियां न केवल आपस में एक-दूसरे को जानतीं थीं और उन्हें एक-दूसरे के धर्मांतरण व निकाह कर लेने की भी जानकारी थी। पुलिस ने बताया कि हमीरपुर से अपहरण के बाद दोनों युवतियों को एक-एक कर खतौली लाया गया। उनका पहले मुजफ्फरनगर में धर्मांतरण कराकर नाम बदला गया और फिर निकाह भी कर लिया गया। बतौर साक्ष्य निकाहनामे को रजिस्टर्ड भी करा लिया गया था। खास बात यह कि दोनों ही युवतियों के धर्मांतरण व निकाह तो मुजफ्फरनगर में हुए, लेकिन उनमें गवाह मेरठ के लोग बने। निकाहनामे के बाद युवतियों की मूल पहचान मिटाने के उद्देश्य से उनके मूल निवास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किए गए, जिनमें से एक युवती का प्रमाणपत्र गत 15 जून को बनवा भी लिया गया। इससे इस पूरे मामले में किसी सुनियोजित साजिश के तहत बड़ा रैकेट चलने की भी आशंकाएं सामने आ रहीं हैं, जिसके बाद पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है।
कहां से बने फर्जी प्रमाणपत्र, शुरू हुई जांच
मुजफ्फरनगर। जनपद हमीरपुर से प्रेम-प्रसंग के नाम पर अपहरण कर लाई गईं दोनों युवतियों के आधार कार्ड भी आरोपियों द्वारा बनवाए गए हैं। इनके आधार पर ही उनके मूल निवास प्रमाणपत्र समेत अन्य दस्तावेज बनवाए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन इससे पहले ही मामले का भंडाफोड़ हो गया। अब थाना पुलिस इसकी जांच कर रही है कि आरोपियों ने आखिरकार अपहृत युवतियों के फर्जी पहचान पत्र कैसे और कहां से बनवा लिए। सीओ खतौली राकेश सिंह ने बताया कि धोखाधड़ी के आरोप में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है। इसके बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी, कि आखिरकार कहां और कैसे फर्जी कागजात बनवाए गए हैं।
हमीरपुर में ही होंगे युवतियों के बयान दर्ज
मुजफ्फरनगर। कस्बा खतौली में जिला हमीरपुर से प्रेमजाल में फंसाकर लाई गईं दोनों युवतियों के बरामद होने के बाद उन्हें हमीरपुर पुलिस को सौंपा जाएगा। वहीं, आरोपियों को भी गिरफ्तारी के बाद वहीं भेजा जाएगा। दरअसल, दोनों युवतियों के अपहरण के मुकदमे जिला हमीरपुर में पहले से ही दर्ज हैं। इसके चलते पुलिस अपने यहां इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर सकती। यदि आरोपियों के खिलाफ फर्जी कागजात बनवाने का मामला दर्ज होता है तो पुलिस के पास बस यही जांच रहेगी। वहीं, दोनों बरामद युवतियों के बयान भी हमीरपुर पुलिस द्वारा ही अपने यहां कोर्ट में कराए जाएंगे, जिसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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इससे पहले भी युवती के अपहरण का आरोप
खतौली। हमीरपुर से अपहरण कर लाईं गईं युवतियों का धर्मांतरण के बाद निकाह कराने के मामले से भाजपा व हिंदूवादी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं आक्रोश व्याप्त है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर थाने में प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि आरोपी वसीम इससे पहले भी गांव शेखपुरा निवासी युवती को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया था। अब फिर से आरोपी ने एक हिंदू युवती के अपहरण, धर्मांतरण व निकाह का मामला सामने आने के बाद लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामले का खुलासा होने से तीन दिन पूर्व ही आरोपी कपड़ों की फेरी लगाने के लिए जम्मू रवाना हो गया है, जिसके चलते वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। थाने में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोपियों व उनके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान मदन छाबड़ा, मोनू मंगवानी, गुरूदत्त अरोरा, विवेक रहेजा, प्रवीण ठकराल, संजय भुर्जी, सरदार लखवीर सिंह, प्रवीण ठकराल, पुनीत अरोरा, गौरव नारंग, दीपक जैन, श्याम रहेजा, नरेंद्र कुमार, ममता त्यागी, दीपा त्यागी, अंजेश और वीरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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