दौराला पुलिस और आर्मी इंटेलीजेंस ने सेना के जवान और उसके साथ बिट्टू को 22 नवंबर को जेल भेजा था। आरोपियों ने मनोज को सेना की वर्दी, असलहे और फर्जी आईकार्ड उपलब्ध कराए थे। आरोपियों ने मनोज और भीमसेन को पठानकोट में वर्ष 2020 में ट्रेनिंग कराकर फर्जी तरीके से मेरठ कैंट एरिया में फॉलोवर की नौकरी पर रखकर चार महीने तक 12 हजार रुपये के हिसाब से वेतन बताकर पैसा भी दिया।
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सीओ अभिषेक पटेल ने बताया कि मनोज के सामने पठानकोट की सच्चाई उजागर हो गई थी। उसके बाद राहुल कश्यप ने मनोज को बताया कि उसकी दोबारा से ट्रेनिंग कराई जाएगी। उसके बाद राहुल ने कानपुर की जेडी फिजिकल एकेडमी के ट्रेनर राजा से सेटिंग कर मनोज को एकेडमी में भेज दिया। वहां पर मनोज को बताया गया कि उसकी ट्रेनिंग चल रही है, जबकि उक्त एकेडमी में सेना और पुलिस में जाने वाले युवकों को फिजिकल के लिए तैयार किया जाता है। पुलिस ने उक्त एकेडमी के ट्रेनर राजा को भी मुकदमे में आरोपी बना दिया है। राजा की गिरफ्तारी के लिए दौराला थाना पुलिस कानपुर भेजी गई है।