एनएच-58 पर परतापुर के डुंगरवाली गांव के पास बृहस्पतिवार शाम सड़क हादसे में उत्तरांचल कांग्रेस किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष ज्ञान सिंह की मौत हो गई। जबकि उनका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। वे मंगलौर विस सीट से टिकट की दावेदारी कर नई दिल्ली से लौट रहे थे। ज्ञान सिंह मेरठ के कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनय चौधरी के मामा थे। उनकी मौत की सूचना पर कांग्रेस के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे।
विनय प्रधान ने बताया कि उनके मामा रुड़की मंगलौर के गुरुकुल नारसन क्षेत्र के सकौती के रहने वाले थे। वे दो बार वहां जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन रह चुके थे। वर्तमान में उत्तराखंड कांग्रेस किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष थे। वे उत्तराखंड की मंगलौर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट के मजबूत दावेदार थे और इसी सिलसिले में बृहस्पतिवार को दिल्ली में वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंबिका सोनी से मिलने गए थे। वापस लौटते हुए शाम करीब सात बजे परतापुर थाना क्षेत्र के डुंगरावली गांव के पास उनकी स्विफ्ट डिजायर कार एक ट्रैक्टर ट्राली से टकरा गई। जिससे ज्ञान सिंह और उनका कार चालक अरुण कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को सुभारती अस्पताल ले जाया गया, जहां ज्ञान सिंह की मौत हो गई। परतापुर पुलिस ने ट्रैक्टर ट्राली को कब्जे में लेते हुए चालक को हिरासत में ले लिया। इंस्पेक्टर परतापुर सुशील दुबे ने बताया कि घटना की रिपोर्ट लिखी जा रही है।
छोटा भाई हुआ था ट्रेन हादसे का शिकार
विनय प्रधान ने बताया कि ज्ञान सिंह के भाई कुंवरपाल सिंह की एक ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी। इस हादसे की सूचना पर उनके परिजन और मेरठ में उनकी रिश्तेदारी के कई लोग अस्पताल पहुंच गए थे। परिजनों में कोहराम मचा हुआ था।
घटना के बाद गायब हुई लाइसेंसी पिस्टल
विनय प्रधान ने बताया कि उनके मामा लाइसेंसी पिस्टल अपने साथ रखते थे। लेकिन घटना के बाद पिस्टल कार से गायब थी। पिस्टल गायब होने का पता चलने पर पुलिस में खलबली मच गई। पुलिस के अलावा परिजनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पिस्टल को कार के अलावा घटनास्थल के आसपास तलाश किया। लेकिन वह नहीं मिली। विनय ने बताया कि वह पिस्टल खोने की रिपोर्ट भी लिखवाएंगे।